उमरिया के खुटार ओपन कैंप में रखा चार हजार मीट्रिक टन गेहूं पूरी तरह खराब हो गया है। बताया जाता है कि कैंप में रखे भंडारित गेहूं के रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिस वजह से गेहूं में कीड़े लग गए।
सूत्रों की माने तो वर्तमान में 70 से 75 फीसदी गेहूं उपयोग के लायक ही नहीं है। बताया जाता है कि भंडारित गेहूं करीब डेढ़ साल पहले अप्रैल 2022 में कैंप में भंडारित किया गया था। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी ग्रीन ग्रो के हाथों में दी गई थी। इस पूरे मामले में मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के प्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि किन्हीं कारणों से कॉर्पोरेशन ने निजी कम्पनी ग्रीन ग्रो को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है, जिसके बाद अभी जनवरी महीने से कॉर्पोरेशन ने कैंप को अपने हाथों में ले लिया है।
सूत्रों की माने तो कॉर्पोरेशन ने अपने हाथों में लेने से पूर्व भौतिक सत्यापन नहीं कराया, जिससे ये साफ नहीं है कि भारी मात्रा में रखा भंडारित गेहूं कितना खराब हुआ है। विभाग भी इस पूरे मामले में गोलमोल जवाब दे रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो कैंप में रखा भंडारित गेहूं महज तीन महीने तक ही उपयोग के लायक होता है। जबकि यहां करीब डेढ़ वर्ष से बड़ी मात्रा में गेहूं भंडारित रहा है पर विभाग लापरवाह बना रहा। इस पूरे मामले में कलेक्टर ने त्वरित जांच की बात कही है और दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है।