मध्यप्रदेश के उमरिया जिले की नगर परिषद नौरोजाबाद में अध्यक्ष कुशल सिंह के खिलाफ चल रहा विवाद थमता दिखाई नहीं दे रहा है। अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं भाजपा के पार्षदों ने भी अध्यक्ष के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस और भाजपा के 13 पार्षदों ने मिल कर गुरुवार को कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर पार्षदों ने कलेक्टर को बताया कि अध्यक्ष की ओर से न केवल उनके साथ अभद्रता की जाती है। बल्कि विकास के कार्यों में भी तरह-तरह के अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। उनकी कार्य प्रक्रिया के कारण वार्डों की सफाई, पेय जल, प्रकाश व्यवस्था सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ गई हैं।
‘ठेकेदारों से की जा रही अवैध वसूली’
पार्षदों के अनुसार नगर परिषद में बबलू खान नामक व्यक्ति का बेजा दखल है, जो सरकारी फाइलों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने साथ घर ले जाता है। इतना ही नहीं शहर में निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों से बबलू खान पैसे मांगता है। जो भी खान का विरोध करता है, अध्यक्ष उसे अपना दुश्मन मान कर व्यवहार करने लगती हैं। इस परिस्थिति में पार्षदों को आए दिन जनता की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। पार्षदों का कहना है कि यही हाल रहा तो जनता उन्हें कैसे वोट देगी। उनकी मांग है कि सरकारी धन में हो रही बंदर-बांट को रोकने के लिए अध्यक्ष कुशल सिंह के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी जाए।
‘अभद्रता करती हैं और धमकी देती हैं’
ज्ञापन में उल्लिखित है कि अध्यक्ष कुशल सिंह द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं। वे सारे काम अपने चहेते ठेकेदारों को दिलाने की कोशिश करती हैं। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाया जाता है। अन्य किसी ठेकेदार को ऑनलाइन टेंडर मिल भी जाए तो उन्हें काम नहीं करने दिया जाता। अगर कोई इसका विरोध करता है तो कुशल सिंह अभद्रता करने के साथ उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देती हैं।
‘जनता ने नहीं हमने चुना’
ज्ञापन सौंपते समय नपा उपाध्यक्ष नईम बेग, पार्षद प्रमोद सिंह शैलू, मुकेश उपाध्याय, दीपा प्रजापति, परबत सिंह, सावित्री साकेश, विलोकनाथ दाहिया, सतीलाल बैगा, इशरत जहां, मेनका कोल, सुभाषनारायण सिंह, नंदलाल चौधरी और रामप्यारी कठौतिया मौजूद रहे। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि वे भी अध्यक्ष के समान पार्षद हैं। कुशल सिंह को जनता ने नहीं पार्षदों ने अध्यक्ष बनाया है। लेकिन वे उनके साथ दुर्व्यवहार कर रही हैं। कलेक्टर वैद्य ने पार्षदों को इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।