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बांधवगढ़ में टाइगर का कहर: 24 घंटे में दो शिकार, गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे लोग; पूरे इलाके में हड़कंप

Sat, 13 Jun 2026 05:46 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

सार

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र के ग्राम झलवार में 24 घंटे के भीतर टाइगर हमले की दूसरी घटना में 30 वर्षीय कल्याण सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई है। वन विभाग निगरानी बढ़ाकर सुरक्षा उपाय कर रहा है।
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आदमखोर बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र में टाइगर का आतंक लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ग्राम झलवार में 24 घंटे के भीतर टाइगर हमले की दूसरी घटना सामने आने से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया है। शुक्रवार को एक युवक की बाघ के हमले में मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान कल्याण सिंह (30 वर्ष) पिता रामकृपाल सिंह निवासी ग्राम झलवार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर था और अक्सर गांव के आसपास तथा जंगल से लगे क्षेत्रों में अकेले घूमता रहता था। शुक्रवार को वह गांव के समीप जंगल क्षेत्र की ओर चला गया, जहां घात लगाए बैठे टाइगर ने उस पर हमला कर दिया। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। सूचना मिलने पर वन अमला और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। हालांकि अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि घटना के बाद भी बाघ शव के पास ही मौजूद था। वन विभाग की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को घेर लिया और बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास शुरू किए।
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अधिकारियों के अनुसार बाघ के सुरक्षित दूरी पर जाने के बाद ही शव को कब्जे में लेकर पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना स्थल के आसपास अतिरिक्त निगरानी भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र में महुआ बीनने गई एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। लगातार दो दिनों में दो लोगों की मौत ने वन विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघों की गतिविधियां अब जंगल की सीमाओं से निकलकर गांवों के बेहद करीब पहुंच रही हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

घटनाओं के बाद झलवार सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, निगरानी दल तैनात करने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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वहीं वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या जंगल से लगे क्षेत्रों में न जाएं तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल अधिकारियों को सूचना दें। लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।
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