पुलिस-यातायात विभाग की हिदायत भी बेअसर, सड़कों पर बदस्तूर खड़े किये जा रहे वाहन
उमरिया जिले में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या ने लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। बीते सप्ताह हुई घटनाओं ने यातायात नियमों के प्रति लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता को उजागर किया है। तेज रफ्तार, स्टंटबाजी, और सड़कों पर बेतरतीब खड़े बड़े वाहनों जैसे ट्रक, ट्रेलर, टैंकर, कैप्सूल, और डंपर दुर्घटनाओं के मुख्य कारण बन रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस और यातायात विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बदस्तूर जारी है, जिससे सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
बेतरतीब पार्किंग
घुनघुटी सहित जिले के मुख्य मार्गों पर रात के समय दर्जनों वाहन बिना पार्किंग लाइट और रेडियम की पट्टियों के खड़े देखे जा सकते हैं। यह लापरवाही अन्य चालकों के लिए घातक साबित हो रही है, क्योंकि रात में बिना संकेतक वाले इन वाहनों को देख पाना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में, जिला मुख्यालय के समीप एक ट्रेलर से टकराकर दो व्यापारियों की मौत हो गई थी, क्योंकि ट्रेलर के पीछे कोई चेतावनी चिह्न नहीं था, जिससे बाइक सवार धोखा खा गए।
वाहन चालकों में पुलिस और यातायात विभाग का डर खत्म हो गया है, जिससे नियमों की अनदेखी हो रही है। शनिवार को घुनघुटी में कई वाहन बिना लाइट जलाए हाईवे पर खड़े पाए गए। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बिना पार्किंग लाइट के खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने और स्टंटबाजी पर भी सख्त नियंत्रण की जरूरत है।
पिछले 24 घंटों में कई दुर्घटनाएं
पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में कई सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें एक युवक की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए हैं। स्टेशन रोड पर ज्वालामुखी तिराहे के पास एक बाइक के डिवाइडर से टकराने से गणेश चौधरी (30) की मौत हो गई, जबकि उनके दो रिश्तेदार सुभाष चौधरी और संजय चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा भी तेज रफ्तार और लापरवाही का परिणाम था। उमरिया में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस और यातायात विभाग को सख्त कार्रवाई करनी होगी। खासकर बिना पार्किंग लाइट और चेतावनी संकेतों के खड़े वाहनों पर सख्त जुर्माना लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, तेज रफ्तार, स्टंटबाजी, और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।