रेत चोरी कर ट्रैक्टर से परिवहन करते हुए
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मध्यप्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव जहां एक तरफ माफिया राज खत्म करने में लगे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर उनके ही कर्मचारी इन माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए सुस्त हैं, जिसकी वजह से उमरिया जिले में रेत माफिया चुस्त होकर धड़ल्ले से रेत का उत्खनन और परिवहन करते जा रहे हैं।
उमरिया जिले से सोन, जोहिला नदी सहित अन्य छोटी बड़ी नदियां निकलती हैं। लेकिन यहां लोग और कुछ कर्मचारी अधिकारी इसे आय का साधन अब मानने लगे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, ऐसा लोगों ने आरोप लगाया है। बात करें उमरिया जिले पाली क्षेत्र के गांव से सटे लोग नदियों का दोहन कर रहे हैं और रेत का अवैध उत्खन्न कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन को उस पर अंकुश लगाना चाहिए। लेकिन प्रशासन भी उस पर अंकुश लगा नहीं पा रहा है या तो लगाना नहीं चाहता है।
ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि रात भर रेत का परिवहन ट्रैक्टर से लगातार यह अनवरत चलता रहता है और अधिकारी और कर्मचारी कोई भी ध्यान नहीं देते हैं और न ही कार्रवाई करते हैं। हालांकि, इसके लिए खनिज विभाग और राजस्व विभाग सहित पुलिस विभाग को नियुक्त सरकार ने किया है। लेकिन सभी विभाग आंख मूंद करके सोए रहते हैं और कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और जब ज्यादा हो जाता है तो छुटपुट कार्रवाई करके अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
रेत परिवहन करते हुए