उमरिया जेल कैदियों को राखी बांधती हुई बहनें
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उमरिया जिला जेल अधीक्षक डीके सारस ने बताया कि पवित्र माह श्रावण सोमवार पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जेल में परिरुद्ध 196 बंदी और पांच महिला बंदियों को राखी बांधने की समुचित व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा किया गया। बताया जाता है कि लगभग 110 बंदी और एक महिला बंदी के भाई राखी बांधने के लिए अपने घर से हुई बहनों ने बंदियों के कलाइयों में राखी बांधी।
बंदियों ने बहनों के चरण स्पर्श कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। जेल प्रशासन के द्वारा चावल, हल्दी, कुमकुम, थाली की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर ब्रम्हाकुमारी आश्रम से बीके निशा बहन एवं बीके श्यामलाल, मानसी महिला समिति से ममता डोंगरे एवं पुष्पा श्यामकर तथा हार्ट फुलनेस संस्था से प्रणाली पिसे एवं थाना पाली से उप निरीक्षक सरिता ठाकुर, जेल में उपस्थित होकर ऐसे बंदी जिनकी बहनें मुलाकात में नहीं आ सकी थी। उन्हें राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व का महत्व बताकर उन्हें शुभकामनाएं दिए।
पुलिस प्रशासन ने जेल मे भीड़ को नियंत्रित कर जेल के नियमों का पालन कराते हुए बहनों को जेल परिसर में परिचय पत्र के साथ प्रवेश दिलाया। यातायात पुलिस द्वारा बैरिकेट्स की व्यवस्था की गई। नगर पालिका परिषद उमरिया द्वारा शुद्ध पेयजल टैंकर एवं आवश्यकता के लिए चलित शौचालय की व्यवस्था की गई। उल्लेखनीय है कि जिला जेल परिसर में आए हुए समस्त बहनों की मुलाकात कराई गई तथा जिन बंदियों की बहनें नहीं आ पाई, उनके हाथों में सामाजिक संस्था के बहनों के द्वारा बंदियों के हाथों में राखी बांधी गई। किसी भी बंदी की कलाई सूनी नहीं रही है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जेल अधीक्षक डीके सारस एवं जेलर उपाधीक्षक माखन सिंह मार्को एवं ड्यूटीरत प्रमुख मुख्य प्रहरी जेल के समस्त अधिकारी कर्मचारी ने बंदियों को अनुशासन में रखकर बंदियों को कार्यक्रम में सम्मिलित कराया।