उमरिया में किसान संगठन ने प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 9 सितंबर से ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ अनिश्चितकालीन आंदोलन का एलान किया है। संगठन ने कोयला खदानों और किसानों की भागीदारी को लेकर हाईवे बंद करने की चेतावनी दी।
उमरिया जिले में किसानों की नाराजगी अब बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रही है। भारतीय किसान संघ उमरिया ने प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 9 सितंबर 2026 से ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ अनिश्चितकालीन महाआंदोलन का ऐलान किया है। किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर गंभीर पहल नहीं हुई तो आंदोलन को जिलेभर में व्यापक किया जाएगा।
30 दिन का अल्टीमेटम, नहीं हुई कार्रवाई
खनिज क्षेत्र की बैठक में किसानों को नहीं किया शामिल
9 सितंबर से हाईवे पर प्रदर्शन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने अब आंदोलन का एलान कर दिया है। संगठन के मुताबिक, 9 सितंबर से ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन शुरू होगा। आंदोलन के पहले चरण में शहडोल-घुनघुटी राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी गई है। संगठन ने कहा है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा। इसके बाद उमरिया जिले की सातों तहसीलों के राजमार्गों पर धरना-प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई जाएगी। संगठन ने रेल मार्गों और जिले में आवागमन से जुड़े अन्य प्रमुख रास्तों पर भी प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि किसानों ने प्रशासन को पर्याप्त समय दिया, लेकिन समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब संगठन किसानों के हितों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर से शुरू होने वाला ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा। यदि प्रशासन ने किसानों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में विस्तार दिया जाएगा।
किसान संगठन ने कहा है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि 9 सितंबर से प्रस्तावित महाआंदोलन से पहले प्रशासन किसानों से संवाद कर विवाद का समाधान करता है या फिर उमरिया में किसान आंदोलन सड़कों से लेकर राजमार्ग और रेल मार्ग तक पहुंचता है।