उमरिया जिले में सहकारिता विभाग में पदस्थ कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को लेकर आरसीएस भोपाल द्वारा आदेश जारी करने के बाद भी सहकारी समितियों के कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिल रहा है। जिस मांग को लेकर जिले के कर्मचारियों ने एआरसीएस एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एरियर्स सहित वेतन भुगतान कराये जाने की मांग की है। इसके साथ उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 5 मार्च को सीएम हाउस का घेराव करेंगे।
वहीं, इस मामले में मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष मनजीत चतुर्वेदी ने बताया कि हर समिति को साल में 3 लाख रुपए के मानदेय से संस्था को राशि प्राप्त हुई, जबकि वह राशि आज भी संस्था में पड़ी हुई है, लेकिन कर्मचारियों को नहीं मिल रही है। जबकि 25/07/2024 का आरसीएस महोदय का स्पष्ट निर्देश है कि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन दिया जाए और वह राशि सिर्फ वेतन के लिए आई है, लेकिन बैंक और सहकारिता विभाग के बीच सभी कर्मचारी पीसे जा रहे हैं और उनका आज तक वेतन नहीं बढ़ा है।
वहीं ज्ञापन लेने आये प्रभारी एआरसीएस अभय सिंह ने बताया कि सहकारी समिति के महासंघ के द्वारा जो आज ज्ञापन सौंपा गया है, यह विक्रेताओं के 3000 रुपये वेतन वृद्धि के संबंध में है। शासन स्तर से राशि जारी होना है उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरा इनका मांग है कि सभी कर्मचारियों को कलेक्टर रेट पर वेतन दिया जाए। इस संबंध में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, यह आरसीएस कार्यालय से होना है, इस संबंध में भोपाल से आरसीएस महोदय का पत्र भी जारी हुआ था, जिसमें हमारे जेआर द्वारा पत्र जारी किया गया था, उसके परिपालन में हमने एक पत्र जारी किया है, उसमें अभी कार्रवाई हो भी रही है।
वहीं कलेक्टर की तरफ ज्ञापन लेने आये नायब तहसीलदार दिलीप सोनी ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश सहकारिता कर्मचारी महासंघ ने वेतन विसंगति के संबंध में ज्ञापन दिया है, जिसमें उनका कहना है की सेवा नियम के प्रावधानों के तहत वेतन अभी प्राप्त नहीं हो रहा है। उचित माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एवं मंत्री कैलाश विश्वास सारंग के नाम ज्ञापन दिया है।