चांद के हरनाखेड़ी गांव में सोमवार शाम एक युवक की जान संकट में पड़ गई, लेकिन डायल 100 के जवानों की तत्परता ने उसे नया जीवन दे दिया। बता दें कि सुमेर पिता शंभू सिंह साहू, निवासी अकलमा, सोमवार शाम करीब 7 बजे अपनी बाइक से चौरई जा रहे थे। हरनाखेड़ी के पास अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा, जिससे वह गश खाकर बाइक समेत डिवाइडर से टकरा गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डायल 100 को सूचना दी।
मौके पर पहुंची डायल 100, सैनिक ने दिया CPR
डायल 100 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इस दौरान सुमेर की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश होने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सैनिक दीपक उईके ने बिना देर किए उन्हें सीपीआर दिया, जिससे उनकी सांसें वापस चलने लगीं। इसके बाद चालक हरि राउत ने 17 किलोमीटर का सफर महज 20 मिनट में पूरा कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टर बोले – जरा सी देरी होती तो नहीं बचती जान
वहीं, चौरई अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों ने बताया कि यदि मरीज को समय पर सीपीआर नहीं मिलता और जल्दी अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो उनकी जान जा सकती थी। डायल 100 के जवान दीपक उईके और ड्राइवर हरि राउत के इस सराहनीय कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है। चांद थाना स्टाफ और स्थानीय लोगों ने उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के लिए उन्हें बधाई दी। फिलहाल मरीज की हालत सामान्य बताई जा रही है।