उमरिया मानसून के दौरान पर्यटन के लिए बंद रहने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 अक्तूबर से पर्यटकों के लिए फिर खुलने जा रहा है। नए पर्यटन सत्र को लेकर पार्क प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी कराने वाली जिप्सियों के साथ गाइड और अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच वाहनों के मानकों को लेकर प्रबंधन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
प्रबंधन के अनुसार, पर्यटन क्षेत्र में BS-2 और BS-3 मानक वाले वाहनों को प्रवेश नहीं देने की तैयारी है। इसके लिए जिप्सी संचालकों से वाहनों के आवश्यक दस्तावेज मंगवाकर उनकी जांच की जा रही है। दस्तावेजों के सत्यापन के साथ वाहनों की स्थिति और निर्धारित मानकों की भी पड़ताल की जा रही है।
पर्यटन शुरू होने से पहले वाहनों की जांच
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि 1 अक्तूबर से बांधवगढ़ के कोर एरिया में पर्यटन शुरू किया जाएगा। इससे पहले पर्यटन क्षेत्र में प्रवेश करने वाली जिप्सियों के दस्तावेज और वाहनों की स्थिति की जांच की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा और निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए ही वाहनों को पर्यटन क्षेत्र में प्रवेश दिया जाएगा। वाहनों की जांच की प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन जिप्सियों को आगामी पर्यटन सत्र में सफारी संचालन की अनुमति मिलेगी। ऐसे में जिप्सी संचालकों के लिए वाहन के जरूरी दस्तावेज और निर्धारित मानकों को पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
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गाइड और सफारी व्यवस्था भी तैयार
कोर एरिया खुलने से पहले पार्क प्रबंधन गाइड व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने में जुटा है। पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों की जानकारी उपलब्ध कराने वाले गाइडों की तैयारी के साथ सफारी संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। बांधवगढ़ में हर पर्यटन सत्र में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में नए सत्र के लिए पार्क प्रबंधन के सामने सुरक्षित और व्यवस्थित पर्यटन संचालन की जिम्मेदारी होगी। जिप्सियों की जांच इसी तैयारी का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है।
1 अक्तूबर से फिर गूंजेगी जंगल सफारी की आवाज
मानसून के दौरान बंद रहने के बाद अब बांधवगढ़ के जंगल एक बार फिर पर्यटकों के लिए तैयार हो रहे हैं। 1 अक्तूबर से कोर एरिया में सफारी शुरू होने के साथ पार्क में पर्यटन गतिविधियां दोबारा गति पकड़ेंगी। हालांकि, इस बार जिप्सियों के प्रवेश को लेकर वाहन मानकों की जांच महत्वपूर्ण रहेगी। प्रबंधन द्वारा की जा रही जांच के बाद ही तय होगा कि कौन से वाहन नए पर्यटन सत्र में जंगल सफारी के लिए पात्र होंगे।