उमरिया जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में समा गया। घटना एक निर्माणाधीन पुलिया के पास हुई, जहां बरसात के मौसम में ग्रामीणों की आवाजाही के लिए अस्थायी रपटा बनाया गया था। हादसे में लापता युवक की पहचान छोटू पिता बुद्धू बर्मन, निवासी स्थानीय गांव, के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छोटू शुक्रवार दोपहर रपटा पार कर रहा था। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर पहले से ही काफी बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव तेज था। जैसे ही वह बीच रपटे पर पहुंचा, अचानक उसका पैर फिसल गया और वह बहते पानी में गिर पड़ा। तेज धारा के कारण वह संभल नहीं सका और कुछ ही क्षणों में गहरे पानी में समा गया।
घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते नदी किनारे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू अभियान के लिए गोताखोर दल और होमगार्ड की टीम को बुलाया गया है। गोताखोर लगातार नदी में युवक की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। मौके पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि नदी का बहाव और बारिश के कारण खोजबीन में दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन पुलिया के कारण इस समय यहां से गुजरना जोखिम भरा है, लेकिन बरसात में दूसरी ओर जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता होने से लोग मजबूरी में रपटा पार करते हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक यहां पर उचित सुरक्षा इंतजाम और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए।
फिलहाल नदी किनारे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। युवक के परिजन घटनास्थल पर रो-रोकर बेहाल हैं। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हैं। प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को निर्देश दिया है कि जब तक युवक का पता नहीं चलता, तब तक तलाश जारी रखी जाए।
इस हादसे ने एक बार फिर बरसात के मौसम में लापरवाही से नदी पार करने के खतरों की ओर ध्यान खींचा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि तेज बहाव और गहरे पानी में बिना सुरक्षा उपायों के प्रवेश न करें, ताकि ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।