विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के समीपवर्ती ग्राम पटेहरा में मंगलवार शाम एक ग्रामीण पर भालू ने हमला कर दिया। हमले में घायल युवक इंद्रभान सिंह गोंड ने साहस का परिचय देते हुए खुद को भालू से बचाया और शोर मचाकर उसे जंगल की ओर भगा दिया।
जानकारी के अनुसार, इंद्रभान सिंह गोंड रोज की तरह जंगल में अपने मवेशी चरा कर घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के समीप पहुंचा, झाड़ियों में छिपे जंगली भालू ने उस पर हमला कर दिया। इससे इंद्रभान जमीन पर गिर गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। किसी तरह संभलते हुए उसने शोर मचाया और डंडे से भालू को डराने की कोशिश की। उसकी कोशिश रंग लाई और भालू मौके से भाग गया। घटना के तुरंत बाद इंद्रभान को परिजन और ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मानपुर ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि भालू के हमले में युवक को चोटें आई हैं। हालांकि, वह खतरे से बाहर है।
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इस हमले के बाद ग्राम पटेहरा और आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों में भालुओं की संख्या और उनकी आक्रामक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। आए दिन वन्यजीवों के मानवीय बस्तियों की ओर आने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने मांग की है कि जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की निगरानी के लिए उचित व्यवस्था की जाए, साथ ही भालुओं के विचरण वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं।