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Umaria: आकाशकोट अंचल के 25 गांवों में गहराया जलसंकट, नर्मदा जल लाने जल यात्रा शुरू

Sat, 03 Jun 2023 01:26 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

सार

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में आकाशकोट के 25 गांवों में जलसंकट गहरा गया है। नर्मदा नदी का जल लाने और जलसंकट के निदान के लिए आदिवासियों ने जल यात्रा शुरू की है। वर्षों से आकाशकोट इलाके में जलसंकट बना हुआ है। 
 
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उमरिया में जल संघर्ष यात्रा की शुरुआत हुई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमरिया जिले में विंध्य पर्वत शृंखला के 25 गांव जलसंकट से जूझ रहे हैं। आदिवासी बाहुल्य इन गांवों में जलसंकट से निदान के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पहल की है। इसके बाद भी समस्याएं फिलहाल बनी हुई हैं। इसके निराकरण के लिए ग्रामीणों ने जल यात्रा की शुरुआत की है। उनका कहना है कि डिंडौरी जिले से नर्मदा पाइपलाइन डालकर पहाड़ी इलाके के जलसंकट को दूर किया जाए। 

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विंध्य पर्वत शृंखला में उमरिया जिले के 25 गांव आबाद है। ऊंची पहाड़ी होने से इन गांवों के समूह को आकाशकोट कहा जाता है। आदिवासी बाहुल्य गांवों में स्वच्छ पेयजल वर्षों से बड़ी समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने पेयजल संकट के निदान हेतु कई बार बड़े आंदोलन भी किए हैं। हर बार आश्वासन मिले और संकट बना रहा। गर्मी बढ़ने के साथ ही यहां पेयजल समस्या भी गहरा गया है। ग्रामीणों को 100 से 150 फीट गहराई के कुएं और तालाबों के गंदे पानी से पेयजल और निस्तार का पानी उपलब्ध हो पाता है। कई गांवों में लोग तो दो से पांच किमी तक सफर कर पेयजल लाते हैं। वर्षों से व्याप्त इस समस्या के निदान के लिए ग्रामीणों ने जल यात्रा की शुरुआत की है। ग्रामीणों की मांग है कि समीप के डिंडौरी जिले से होकर बहने वाली नर्मदा नदी के जल को आकाशकोट अंचल के गांवों तक उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीण गांव-गांव में जल यात्रा के माध्यम से लोगों से संवाद कर समस्या से निदान के लिए बड़े संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं। 

147 करोड़ रुपये की परियोजना
आकाशकोट अंचल के गांवों में भीषण गर्मी में पेयजल को लेकर ग्रामीणों को मशक्कत के सामना करना पड़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के सबसे बड़े जलाशय उमरार से समूह जल प्रदाय योजना के तहत 147 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। ताकि हर घर नल से स्वच्छ पेयजल पंहुचाया जा सके। ग्रामीणों को इस परियोजना पर संशय है। उनकी मांग है कि नर्मदा का जल उपलब्ध कराकर आकाशकोट की समस्या को दूर किया जाए। हालांकि, जिला प्रशासन ने समूह जल प्रदाय योजना से ही गांवों में शीघ्र जल उपलब्ध कराने की बात कही है। 
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दो-तीन साल करना होगा इंतजार
प्रशासन ने आकाशकोट अंचलक में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए हैं। हर बार ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की कोशिश हुई, लेकिन वह नाकाम ही रही। इसी वजह से ग्रामीणों को भरोसा नहीं है कि समूह जल प्रदाय योजना सफल हो सकेगी। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि इस परियोजना को पूरा होने में भी दो से तीन वर्ष का समय लगेगा। तब तक ग्रामीणों को पेयजल के लिए संघर्ष करना होगा।

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