मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट बीरसिंहपुर पाली कि 210 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट जो एक महीने पहले ठप हो गई थी। उसके सुधारने में करोड़ों रुपये का खर्च हुआ, जिसमें सुधारने वाली ठेका कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये और साथ ही यूनिट को आरंभ करने के लिए आठ से 10 बार बॉयलर को लाइट अप करना पड़ा, जिसमें एक बार के लाइट अप करने में यूनिट को 35 से 40 लाख रुपये तक का एचएफओ/एलडीओ आईल की खपत होती है।
साथ ही प्रतिदिन 50 लाख यूनिट विद्युत के उत्पादन का महीने भर में 15 करोड़ यूनिट बिजली के उत्पादन की हानि हुई। संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट की तीन नंबर यूनिट के बंद होने के साथ ही 210 मेगा वाट की चार नंबर यूनिट भी लगभग 15 से 20 दिनों से बंद है, जिसके कंट्रोल रूम के डीएवीआर कंट्रोल पैनल में आग लग जाने के कारण कई दिनों से आज भी विद्युत उत्पादन बंद है।
भीषण गर्मी में प्रदेश में बिजली की एक ओर जहां मांग बढ़ी वहीं बीरसिंहपुर के संजय गांधी ताप बिजली घर की दो इकाइयों के लगातार महीने भर से ठप्प रहने के लिए जेनको एवं प्लांट के मैनेजमेंट की भारी कमी उजागर हुई, जिस पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही और प्लांट के अधिकारी निरंकुश हो मनमर्जी चला रहे हैं।