पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने शनिवार को एलान किया कि यदि अगले साल 15 जनवरी तक प्रदेश में शराबबंदी नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ देंगी।
भोपाल में पत्रकारों से चर्चा में मप्र की पूर्व सीएम ने कहा कि शराब के खिलाफ पांच माह तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वह सीएम शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को 15 जनवरी तक जागरूकता अभियान चलाने का वक्त दे रही हैं। इसके बाद वह इस अभियान का नेतृत्व करेंगी। उमा भारती ने कहा कि शर्मा व शिवराज का कहना है कि शराबबंदी जागरूकता अभियान के माध्यम से की जाएगी, लेकिन मेरा मानना है कि यह जागरूकता से नहीं हो सकता, इसे बलपूर्वक ही लागू करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, जो वह शराब बिक्री से कमाती है, लेकिन इसकी क्षतिपूर्ति के लिए उनके पास योजना है। इस बारे में वह सीएम शिवराज सिंह चौहान और शर्मा से चर्चा करेंगी। उमा भारती ने साफ शब्दों में कहा कि वह शराबबंदी पर अडिग हैं।
बता दें, उमा भारती इससे पहले भी मध्य प्रदेश में शराबबंदी की मांग कर चुकी हैं। इससे पहले भी उन्होंने मार्च से राज्य में शराबबंदी के लिए अभियान शुरू करने का एलान किया था। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से बात करने के बाद उन्होंने अपने कदम वापस ले लिए थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दो फरवरी को ट्वीट किया था कि वह आठ मार्च को महिला दिवस से मध्य प्रदेश में शराबबंदी के लिए अभियान शुरू करेंगी। लेकिन बाद में वह पीछे हट गई थीं। अब एक बार फिर उन्होंने अपने हुंकार भरी है, देखना होगा वह क्या रंग लाती हैं।