मध्यप्रदेश के शहडोल में राहुल गांधी के भाषण के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता उमा भारती ने राहुल गांधी को वो वादे याद दिलाए जो उन्हें उत्तर प्रदेश के दलितों से किए थे।
गुरुवार को शहडोल में हुई चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी दलित और आम आदमी को लोक सभा और राज्य सभा में नहीं आने देना चाहती।
इस पर उमा भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल के उन वादों का क्या हुआ जो उन्होंने पहले किए थे।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दलित और आदिवासियों को लोकसभा या राज्यसभा में पहुंचाने से पहले वे उत्तरप्रदेश के दलितों का भला कर लें।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि यहां बीजेपी इन लोगों को अपने एसी कमरे में घुसने तक नहीं देती है।
इस पर उमा भारती ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी उत्तरप्रदेश में कई दलित और आदिवासी लोगों से मिलते रहे हैं। उनकी झोपड़ियों में बैठकर चाय पीते रहे हैं। उन्हें ऐसा करना चाहिए कि वे उन सारे लोगों को दिल्ली के अपने घर में बुला लें और उनको चाए पिलाएं।
उमा भारती ने इस बात का भी दावा किया कि संसद में सबसे ज्यादा दलित और आदिवासी प्रतिनिधि बीजेपी के ही हैं।
मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा भूखे
राहुल गांधी ने इस बात का दावा कि या कि यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक अफ्रीका से ज्यादा गरीब लोग मध्यप्रदेश में बसते हैं। इस पर उमा भारती ने कहा कि जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब यहां सबसे बड़ा मुद्दा भूख से मरते लोग थे। अब कम से कम हमने उस पर काबू पा लिया है। यहां लोग 2 रुपए किलो गेंहू और 3 रुपए किलो चावल खरीद पा रहे हैं।