हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
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उज्जैन में जमीन विक्रय का कमीशन ना देने की बात को लेकर लगभग छह वर्ष पूर्व तीन लोगों ने एक युवक और उसके भाई का रास्ता रोककर उन पर चाकू और पाइप से हमला किया था, जिसके बाद जाति सूचक शब्दों से उन्हें अपमानित करते हुए उनकी मोटरसाइकिल भी छीन ली थी। इस मामले में नानाखेड़ा थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था, जिसमें न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उप-संचालक (अभियोजन) डॉ साकेत व्यास ने बताया कि तीन अगस्त 2017 को शाम सात बजे के लगभग रामवासा चौराहे पर धर्मेन्द्र परमार को राहुल पुत्र भगवान सिंह कुशवाह (उम्र 24 वर्ष), रफीक उर्फ राहुल पुत्र रंजीत सिंह कुशवाह (उम्र 25 वर्ष) और शंकर पुत्र पोप सिंह कुशवाह (उम्र 25 वर्ष) निवासी रामवासा ने रास्ते में रोका और जमीन बिक्री का कमीशन मांगने लगे। तीनों ने धर्मेंद्र के साथ लात, घूंसे, पाइप और चाकू से मारपीट की तथा उसके भाई जितेन्द्र के साथ भी मारपीट कर उनकी मोटरसाइकल छीन ली और जाति सूचक शब्द कहे थे। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले की आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर न्यायालय ने तीनों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दण्डित किया।