गांव अजीमबाद पारदी में रामनगर से पारदी गेट तक स्थानीय उद्योगों में आने वाले वाहनों के कारण बड़े बड़े गड्ढे हो गए, जिसको लेकर गांव की महिलाओं ने पानी से भरे गड्ढे में खड़े होकर प्रदर्शन किया। बता दें कि केमिकल डिवीजन, लैंक्सेस, आरसीएल, गोयल गैस एवं स्वास्तिक ड्रम फैक्ट्री सहित अन्य उद्योगों में 35 से 40 टन के भारी वाहन आ रहे है, जिससे गांव अजीमाबाद के रामनगर से पारदी गेट तक की सडक गड्ढे में तब्दील हो गई।
इधर, जनपद पंचायत सदस्य माया मनोहर बोड़ाना के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं ने पानी के गड्ढे में खड़े होकर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि रिंगरोड़ से उद्योग में जाने वाले वाहनों के कारण सड़क में दो से ढाई फीट तक के गड्ढे हो गए, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मनोहर ने बताया कि गांव अजीमाबाद पारदी से पिली मिट्टी खोदकर कंपनी द्वारा तालाब का निर्माण किया, तालाब के लिए डम्फरों के माध्यम से मिट्टी केमिकल डिवीजन उद्योग में लाई गई, जिससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मप्र शासन के नियमानुसार प्रधानमंत्री सड़क से 9 से 12 टन की क्षमता वाले वाहन ही निकल सकते है, लेकिन वर्तमान में 35 से 40 टन तक के भारी वाहन निकल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। पूर्व सरपंच रणछोड़लाल आंजना ने बताया कि स्कूली जाने वाले बच्चे आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन के दौरान रामसिंह बोड़ाना, आजादसिंह, नागूलाल, प्रकाश, जीवनसिंह, मेहरबानसिंह, सुरेश चौधरी, मुन्ना जोशी, विजयसिंह, मोहनलाल सहित ग्रामीण महिलाएं मौजूद रही।
ग्रामीण महिलाओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढा कुछ ऐसी स्थिति बनी हुई गांव अजीमाबाद पारदी से नागदा आने वाले सड़क की। बुधवार को ग्रामीणें महिलाएं ट्रेक्टर ट्राली में सवार होकर एसडीएक आफिस पहुंची और तहसीलदार को ज्ञापन दिया। दस दिन में सड़क दुरुस्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। गांव अजीमाबाद पारदी से नागदा आना है तो पहले आपको दो से ढाई फीट के गहरे गड्डों से होकर गुजरना होगा, इसके बाद भी यदि आप सुरक्षित निकल जाते है तो गनीमत, कुछ इसी तरह के भाव लेकर ग्रामीण जनपद सदस्य माया मनोहर बोड़ाना के नेतृत्व में महिलाएं एसडीएम का आफिस पहुंची।