उज्जैन महाकाल दरबार पहुंचीं उमा भारती।
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अमेरिका द्वारा भारतीयों को इस तरह जबरन निकालना बेहद निंदनीय है, और इससे भी ज्यादा निंदनीय है एलन मस्क का इस पर हंसना। दुनिया के सबसे अमीर आदमी को दिमागी बीमारी है। भारतीयों के साथ जो अन्याय हुआ वह न सिर्फ शर्मनाक, बल्कि हिंसक भी था। यह बात बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंची उमा भारती ने कही। इस दौरान उमा भारती ने पंडित नेहरू की उद्योग नीति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को इसे अपनाने की सलाह दी। साथ ही ग्लोबल समिट को सफल बनाने के सलाह दी। साथ ही ग्लोबल समिट को सफल बनाने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग और तेजी से काम करने वाले अधिकारियों की जरूरत बताई।
नेहरू की औद्योगिक अवधारणा को शामिल करें
महाकाल दर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उद्योग विकास पर अपनी राय रखते हुए कहा कि देश में दो विकास मॉडल रहे हैं... एक पंडित नेहरू का, जो उद्योगों के विकास पर केंद्रित था, और दूसरा महात्मा गांधी का, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन पर आधारित था। उन्होंने सुझाव दिया कि नए निवेशों में नेहरू की औद्योगिक अवधारणा को भी शामिल किया जाए। उमा भारती ने कहा कि हमें नेहरू और गांधी जी के विकास मॉडल का संतुलित मेल करना होगा। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में यह संतुलन दिखता है, उसी तरह अगर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इसे अपनाएं, तो एमओयू जमीन पर उतरेंगे और वास्तविक रूप से निवेश का लाभ मिलेगा।
पूरी तरह लागू हो शराबबंदी
शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से राज्य में संपूर्ण शराबबंदी लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू करने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए। अब समय आ गया है कि महानगरों से लेकर ग्राम पंचायतों तक शराब पर पूरी तरह रोक लगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है, लेकिन इसे और व्यापक बनाना जरूरी है।