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महाकाल की सवारी: फूलों की बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की महासवारी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया भी हुए शामिल

Mon, 07 Sep 2026 08:49 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में बाबा महाकाल की भव्य राजसी महासवारी निकली। छह स्वरूपों में दर्शन देते बाबा का भक्तों ने स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सवारी में शामिल हुए। पुष्पवर्षा, बैंड, भजन मंडलियों और सिंहस्थ थीम ने आकर्षण बढ़ाया।
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फूलों की बारिश के बीच निकली बाबा महाकाल की महासवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आस्था के सैलाब, आसमान से होती पुष्पवर्षा और जय श्री महाकाल के जयघोष के बीच भाद्रपद मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य राजसी महासवारी निकली। राजाधिराज बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो पूरी अवंतिका नगरी शिवमय हो उठी। वर्ष 2026 की भाद्रपद मास की अंतिम और प्रमुख राजसी महासवारी में बाबा महाकाल ने भक्तों को छह स्वरूपों में दर्शन दिए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी महासवारी में शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन किए।

सोमवार शाम करीब चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से महासवारी शुरू हुई। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी रथ पर उमा-महेश और दो अलग-अलग रथों पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद और सप्तधान मुखारविंद विराजमान रहे।

मंदिर के सभामंडप में पूजन के बाद शहनाई गेट पर सशस्त्र बल ने भगवान चंद्रमौलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी और हरसिद्धिपाल होते हुए रामघाट पहुंची। यहां क्षिप्रा तट पर बाबा महाकाल का पूजन और आरती की गई। इसके बाद सवारी सतीमाता मंदिर, पटनी बाजार सहित निर्धारित मार्ग से होते हुए वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर पहुंची।

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पहली बार 15 हाईटेक ड्रोन से पुष्पवर्षा
इस बार महासवारी में 15 हाईटेक ड्रोन के जरिए देश-विदेश से मंगाए गए 50 क्विंटल से अधिक फूलों की पुष्पवर्षा की गई। शहनाई गेट पर गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान हुई पुष्पवर्षा ने माहौल को और भव्य बना दिया। इस वर्ष महासवारी की थीम सिंहस्थ महाकुंभ पर आधारित रही। सवारी मार्ग पर एक लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में विशाल रंगोली और लाइव चित्रकला बनाई गई। इससे पूरा मार्ग आकर्षण का केंद्र बना रहा।

बैंड और भजन मंडलियों ने बांधा समां

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कोयंबटूर से आए ईशा फाउंडेशन के विशेष बैंड 'नादयोग' के साथ पांच बड़े बैंड दल महासवारी में शामिल हुए। प्रत्येक बैंड दल में 250 से अधिक सदस्य रहे। इसके अलावा 70 भजन मंडलियों ने झांझ-मंजीरों के साथ भक्ति का माहौल बनाया। महासवारी के रामघाट पहुंचने पर बाबा महाकाल की पालकी और गजराज पर सवार मनमहेश स्वरूप का क्षिप्रा तट पर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद मां क्षिप्रा की महाआरती हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। परंपरा के अनुसार छत्री चौक और श्री गोपाल मंदिर पहुंचने पर सिंधिया स्टेट की ओर से पालकी में विराजित श्री चंद्रमौलेश्वर का विशेष पूजन-अर्चन किया गया।

महासवारी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया

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बाबा महाकाल की अंतिम राजसी महासवारी के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन पहुंचे। उन्होंने महासवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। सिंधिया ने कहा कि अंतिम सवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन करने का उन्हें सौभाग्य मिला है।

सिंहस्थ-2028 को लेकर सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। वर्ष 2028 का सिंहस्थ ऐतिहासिक होने वाला है। यह केवल उज्जैन या मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने सभी से इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने की अपील की।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंधिया ने कहा कि उनका दौरा होना अच्छी बात है। लोकतंत्र में सभी नेताओं का अपने-अपने कार्यक्रम के लिए आना स्वाभाविक है। उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सागर में अवैध शराब से हुई मौतों की घटना पर सिंधिया ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब और नशे की गतिविधियों से समाज को गंभीर नुकसान हो रहा है। युवाओं को नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है। परिवार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी से ही इस दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।

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