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Ujjain: महाकाल लोक के बाद उज्जैन को मिलेगी नई पहचान, बनेगी भगवान श्रीकृष्ण की 151 फीट ऊंची विराट प्रतिमा

Thu, 11 Jun 2026 06:00 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के बाद अब भगवान श्रीकृष्ण की 151 फीट ऊंची विराट धातु प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। 220 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह प्रतिमा शिप्रा नदी तट पर स्थापित की जाएगी।
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इस तरह की प्रतिमा लगेगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन के श्री महाकाल महालोक के बाद अब उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की विराट छवि के रूप में देश को नई पहचान देने जा रहा है। उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी तट पर 220 करोड़ की लागत से 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराटस्वरूप धातु की मूर्ति स्थापित करेगा।
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खास बात यह है कि सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' बनाने वाले पद्मभूषण राम वनजी सुतार के पुत्र और मशहूर आर्किटेक्ट डॉ. अनिल राम सुतार ही इस प्रतिमा का निर्माण करेंगे। 30 फीट ऊंचे पेडस्टल पर बनने वाली यह प्रतिमा भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाएगी।

इसके देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा बनने की संभावना है। बताया जाता है कि यह परियोजना सिर्फ मूर्ति तक सीमित नहीं है। यूनिटी माल के पीछे शिप्रा से लगी करीब 30 एकड़ जमीन को विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
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यहां क्या-क्या होगा?
1. अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो : - गीता के संदेश और श्रीकृष्ण के जीवन को तकनीक से दिखाया जाएगा।
2. प्रोजेक्शन मैपिंग :- मूर्ति पर ही श्रीकृष्ण लीला का मंचन होगा।
3. हरित पर्यटन क्षेत्र :- आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और आधुनिक सुविधाएं।

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मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव
यूडीए के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने बताया कि परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार है। अगले कुछ दिनों में 220 करोड़ की इस योजना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही डीपीआर और निर्माण कार्य शुरू होगा। इसी सिलसिले में आर्किटेक्ट अनिल सुतार उज्जैन आए और यूडीए अध्यक्ष से मुलाकात की। बैठक में मूर्ति के धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप पर विस्तृत चर्चा हुई।
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महाकाल लोक के बाद दूसरा बड़ा आकर्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर बनने वाला ये परिसर उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई देगा। महाकाल लोक के बाद ये शहर का दूसरा सबसे बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन बनेगा। सिंहस्थ 2028 से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य है।

 

 

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