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Ujjain: सिंहस्थ की बैठक में न बुलाने पर साधु-संत नाराज, स्थानीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष बोले- हम करेंगे बहिष्कार

Wed, 05 Feb 2025 09:58 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

सिंहस्थ की तैयारी को लेकर आयोजित हो रही बैठकों में साधु संतों को न बुलाने पर अब साधु संत आक्रोशित हैं। इनका कहना है कि इन बैठकों में सिर्फ हमें ही नहीं बुलाया जा रहा है जो कि सरासर गलत है। 
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उज्जैन में साधु-संतों ने नाराजगी जाहिर की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगामी 2028 में धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व का भव्य आयोजन होने वाला है। इस महाकुंभ को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं लेकिन महाकुंभ की तैयारी को लेकर आयोजित हो रही बैठकों में साधु संतों को न बुलाने पर अब साधु संत आक्रोशित हैं। इनका कहना है कि इन बैठकों में सिर्फ हमें ही नहीं बुलाया जा रहा है जो कि सरासर गलत है। सिंहस्थ को लेकर जो भी कार्य होंगे, यदि वह साधु संतों की राय लेकर भी किए जाएंगे तो यह निर्माण कार्य अच्छे से अच्छे होंगे, लेकिन प्रशासन की नजर में यदि हमारा कोई मोल नहीं है तो फिर हम ऐसी बैठकों का बहिष्कार करेंगे। 
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स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास महाराज ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है और प्रशासनिक अधिकारी निर्माण कार्यों को लेकर बैठक भी आयोजित कर रहे हैं। साथ ही सिंहस्थ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, लेकिन इन सभी कार्यों मैं साधु संतों की कोई भी उपस्थित नहीं है ना ही हमसे कुछ पूछा जा रहा है। पूर्व में जब हम मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे तो उन्होंने हमें यह कहा था की जब भी सिंहस्थ को लेकर बैठक होगी तो आपको आमंत्रित किया जाएगा। लेकिन आज तक किसी भी महंत को आमंत्रित नहीं किया, ना हमसे कोई राय ली गई। ये साधु समाज की उपेक्षा है। इसलिए साधु समाज मे रोष है और हमने फैसला किया है की हम अब इनका बहिष्कार करेंगे।

दो दिनों तक आयोजित हुई थी सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक
याद रहे कि रविवार-सोमवार को उज्जैन संभाग और सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक दो दिनो के लिए उज्जैन में आयोजित की गई थी। जहां अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ निर्माण कार्यों एवं सभी अखाड़ों के पेशवाई मार्गों का स्थल निरीक्षण किया था। इसके साथ ही महाकाल मंदिर, महाराजवाड़ा, मेला क्षेत्र में निर्धारित पुलिस कंट्रोल रूम, मेला क्षेत्र, पार्किंग स्थल आदि क्षेत्रों का निरीक्षण सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ किया था। इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद उज्जैन संभाग और सिंहस्थ की समीक्षा बैठक ली। जनप्रतिनिधि और संभाग के आला अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए थे। प्रशासनिक संकुल भवन सभा कक्ष में दो दिन चली मैराथन बैठक में साधु-संतों को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर संत समाज ने नाराजगी जाहिर करते हुए सिंहस्थ के लिए की जाने वाली बैठकों के बहिष्कार की धमकी दी है।
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