उज्जैन में एक महिला ने खुद को अधिकारी बताते हुए बैंक में नौकरी लगाने का झांसा दिया और एक परिवार के साथ 3.50 लाख की धोखाधड़ी कर दी। पुलिस ने जांच के बाद मामले में महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
नानाखेड़ा थाने के एस आई वेदप्रकाश साहू ने बताया कि अलकनंदा नगर में रहने वाले मुकेश पिता हरिराम प्रजापति की पहचान सितंबर 2022 में महेश विहार कॉलोनी की निकिता दास से हुई थी। निकिता ने खुद को बैंक अधिकारी बताया था। मुकेश की बेटी की नौकरी बैंक ऑफ बडोदा में लगाने की बात कहीं। मुकेश महिला को बैंक अधिकारी मान बैठा और उसने अपनी बेटी की नौकरी लगाने के लिए निकिता के मांगे 3.50 लाख रुपये की डिमांड पूरी कर दी।
कुछ दिनों तक निकिता ने नौकरी की प्रोसेस चलने की बात कहीं। उसके बाद टाल मटोल करने लगी। तीन-चार माह गुजर जाने पर मुकेश ने अपने पैसे लौटाने को कहा। इस पर निकिता ने संपर्क करना बंद कर दिया और गायब हो गई। अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास होने पर मुकेश ने मामले की शिकायत नानाखेड़ा थाने पहुंचकर की। पुलिस ने जांच के बाद मामले मे निकिता के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है। पुलिस के अनुसार निकिता के गिरफत में आने के साथ उसकी झांसेबाजी के शिकार हुए कुछ लोग ओर सामने आ सकते है।