बता दें कि इस पूरे प्रकरण को लेकर एसपी के निर्देश पर एएसपी (शहर-पूर्व) जयंत सिंह राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर-पश्चिम) गुरूप्रसाद पाराशर के मार्गदर्शन में सीएसपी सुमित अग्रवाल, उप पुलिस अधीक्षक क्राइम ब्रांच योगेश सिंह तोमर एवं थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार को निर्देशित किया गया कि तत्काल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित करते हुए अज्ञात आरोपी का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाए।
पति व पत्नी में थी अनबन
जांच में पता चला कि मृतक मिश्रीलाल राठौर तथा उसकी पत्नी कृष्णाबाई के मध्य आपसी चरित्रशंका को लेकर काफी समय से अनबन चल रही थी। जिसके कारण दोनों ही अलग-अलग मकानों में रह रहे थे। मृतक अपने पुत्र लोकेश राठौर के साथ रहता था तथा कृष्णाबाई अपनी भांजी माया के साथ मृतक के अन्य मकान में आवासरत थी। इस मकान को मिश्रीलाल कृष्णाबाई व माया से खाली कराकर बेचना चाहता था।
छह लाख में दी सुपारी
इसी कारण कृष्णा बाई तथा माया ने मिलकर गोपाल चौधरी निवासी आंजना बस्ती को मृतक की हत्या करने की सुपारी दी। छः लाख रुपये में सौदा तय हुआ और एडवांस के रूप में कृष्णाबाई व माया ने नकद एक लाख रुपये गोपाल चौधरी को दिए तथा मृतक के घर के मुख्य चैनल गेट की एक अन्य चाबी भी गोपाल चौधरी को दी और बताया कि मिश्रीलाल सुबह मार्निंग वॉक के लिए निकलता है, उसी समय चैनल गेट का ताला खोलकर घर के अंदर जाया जा सकता है घर के अंदर उसे मारना अधिक सुविधाजनक होगा।