सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन-इंदौर रोड की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) 1672 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन सड़क का निर्माण कर रहा है। उज्जैन और इंदौर के बीच धार्मिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह परियोजना शुरू की गई है।
सिंहस्थ से पहले सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आयोजन के दौरान बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को सुचारु रूप से नियंत्रित किया जा सके। वर्तमान में मौजूद चार लेन सड़क के दोनों ओर एक-एक अतिरिक्त लेन जोड़ी जा रही है और मार्ग में आ रही बाधाओं को हटाया जा रहा है। अरबिंदो अस्पताल (इंदौर) से हरिफाटक (उज्जैन) तक लगभग 46 किलोमीटर लंबी इस सिक्स लेन सड़क का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन परियोजना का शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्यों जरूरी है सिक्स लेन सड़क
उज्जैन और इंदौर के बीच यातायात का दबाव बीते वर्षों में काफी बढ़ गया है। सिंहस्थ 2028 के पहले मार्ग का चौड़ीकरण बेहद जरूरी माना जा रहा था। छह लेन सड़क बनने से जहां यातायात सुगम होगा, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा इंदौर एयरपोर्ट से आने वाले देशभर के श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से उज्जैन पहुंच सकेंगे।
अलग-अलग वाहनों के लिए अलग लेन
प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा वाहन गुजरने का अनुमान