फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: एक करोड़ 21 लाख नोटों से सजा यह शिव मंदिर, जानिए रुपये से क्यों हो रही मंदिर की सजावट

Thu, 06 Mar 2025 05:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन जिले से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित बड़नगर क्षेत्र में स्थित श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। महाकाल की नगरी उज्जैन में आने वाले बड़नगर में स्थित मंदिर में महाशिवरात्रि के मेले के दौरान भगवान बुद्धेश्वर महादेव का मंदिर एक करोड़ 21 लाख रुपये से सजाया गया है।
विज्ञापन
नोटों से सजा शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धार्मिक नगरी उज्जैन तो अजब-गजब है ही, लेकिन इसके साथ ही जिले में स्थित मंदिरों पर भी वर्ष भर ऐसे आयोजन होते रहते हैं, जिसके कारण यह मंदिर भी चर्चाओं में बने रहते हैं। इन्हीं में से एक बड़नगर स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर है। उज्जैन जिले से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित बड़नगर क्षेत्र में स्थित श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है।

विज्ञापन


दरअसल, महाकाल की नगरी उज्जैन जिले में आने वाले बड़नगर में स्थित मंदिर में महाशिवरात्रि के मेले के दौरान भगवान बुद्धेश्वर महादेव का मंदिर एक करोड़ 21 लाख रुपयों से सजाया गया है। मंदिर में वैसे तो दिन में दर्शन शुरू नहीं होते हैं। लेकिन शाम पांच बजे से रात्रि 11 बजे तक मंदिर में भगवान के दर्शन जारी हैं, जिसे देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन


2024 में 51 लाख से हुआ था शृंगार
बड़नगर के मेला समिति के अध्यक्ष हुकूमचंद्र गेहलोद ने बताया कि बुद्धेश्वर धाम पर मेले का समापन 10 मार्च तक होगा। बाबा का 20, 50, 100, 200, 500 के नोट और सिक्कों से मनमोहक शृंगार किया गया है। ज्ञात हो कि वर्ष 2024 में 51 लाख रुपये के नोटों से बाबा के शृंगार किया गया था। खास बात ये कि जिन लोगों ने जितनी राशि मंदिर में रखी है, उन्हें वापस लौटा दी जाती है।
विज्ञापन


2025 में एक करोड़ 21 लाख से शृंगार
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिवर्ष पांच वर्षों से महादेव का नोटों से शृंगार किया जाता है। पिछले वर्ष 51 लाख से शृंगार किया गया था। इस बार एक करोड़ 21 लाख रुपये के नोटों से शृंगार किया गया। इसमें 24 घंटे का समय शृंगार करने में लगा। 22 कार्यकर्ताओं की टीम ने शृंगार संपन्न किया। महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व से यहां पर मेला भी लगता है, जो लगातार 14 दिन तक चलता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें