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Ujjain: बिना कपड़ों के सड़क पर आठ किमी तक मदद की आस में भटकती रही दुष्कर्म पीड़िता, इस शख्स ने ऐसे किया सहयोग

Thu, 28 Sep 2023 02:59 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Ujjain News: उज्जैन में नाबालिग के साथ हुई दुष्कर्म की वारदात ने जहां पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाएं हैं तो वहीं लोगों के व्यवहार पर भी ये घटना प्रश्न चिंह लगाती है। दुराचार का शिकार एक मासूम बच्ची मदद की आस में भटकती रही, लेकिन किसी ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना या पुलिस को जानकारी देना तक जरूरी नहीं समझा।
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राहुल शर्मा, जिसने दुष्कर्म पीड़िता की मदद की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन में नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झक-झोरकर रख दिया है। दुराचार का शिकार होने के बाद बच्ची उज्जैन की सड़कों पर मदद की आस में करीब 8 किमी दूर तक भटकती रही, लेकिन कोई मददगार नहीं मिला। जिसने भी बच्ची को उस हाल में देखा मुंह फेर लिया, लेकिन पुजारी राहुल शर्मा का मासूम की हालत देखकर दिल पसीजा और उन्होंने उसकी मदद की, पुलिस को फोन कर जानकारी भी राहुल शर्मा ने ही दी।
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राहुल शर्मा उज्जैन के बड़नगर के एक आश्रम से जुड़े हैं। मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि जब बच्ची को गेट के पास खड़े देखा तो उसके शरीर पर सिर्फ आधे कपड़े थे। मैंने तुरंत उसे अपने कपड़े दिए फिर डायल 100 पर कॉल किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका, जिसके बाद महाकाल थाना पुलिस को सूचना दी। करीब 20 मिनट बाद पुलिस बच्ची के पास पहुंची। 



बच्ची का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्ची रास्ते से गुजर रही है लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए आगे आता नजर नहीं आ रहा है। पुजारी राहुल शर्मा का कहना है कि जब बच्ची उनके पास आई थी तो वह काफी घबराई हुई थी, किसी तरह मैंने उसे विश्वास दिलाया कि वह सुरक्षित है। उसे पुलिस के आने तक रोक कर रखा। बच्ची से बात करने की कोशिश भी की लेकिन वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी। घटना से बच्ची अंदर से काफी डर गई थी। किसी के आने की आवाज आने पर वह बार-बार डर रही थी।
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दुष्कर्म मामले के चश्मदीद आचार्य राहुल शर्मा ने बताया
राहुल शर्मा के मुताबिक, महाकाल की नगरी में 15 साल की दुष्कर्म पीड़िता बिना कपड़ों के ही आठ किलोमीटर तक चलती रही, ताकि कोई मदद मिल जाए। कोई देखता रहा तो किसी ने मुंह फेर लिया, लेकिन दरिंदगी की शिकार नाबालिग की मदद को कोई आगे नहीं आया। अंत में उसे बड़नगर रोड दंडी स्वामी आश्रम के सामने से निकल रहे आचार्य राहुल शर्मा ने देखा तो वह रुक गए और उन्होंने तुरंत अपने कंधे पर रखा वस्त्र नाबालिक को दिया, जो की अर्धनग्न होकर सड़क पर चल रही थी। आचार्य राहुल शर्मा ने पीड़िता की हालत बयां करते हुए कहा कि वह किसी काम से आश्रम से निकल रहे थे। तभी उन्होंने नाबालिग को देखा, उसके आधे शरीर पर कपड़े नहीं थे।

राहुल शर्मा ने बताया कि 'मैंने बच्ची को तुरंत अपने कपड़े दिए। उसके शरीर से खून बह रहा था। वह बोल भी नहीं पा रही थी और आंखें सूजी हुई थीं। मैंने फिर 100 नंबर पर कॉल किया। हेल्प लाइन नंबर पर पुलिस से संपर्क नहीं हो पाया, तब मैंने महाकाल पुलिस स्टेशन संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। करीब 20 मिनट के अंदर पुलिस आश्रम पहुंच गई। याद रहे की नाबालिक लगभग ढाई घंटे तक सिंहस्थ क्षेत्र से बड़नगर मार्ग तक अर्धनग्न अवस्था में पैदल ही चलती रही, लेकिन उसकी सहायता के लिए कोई भी सामने नहीं आया था। ऐसे में राहुल शर्मा की मदद को आगे आना और पुलिस को संपर्क करना मायने रखता है। उन्होंने कानूनी कार्रवाईयों में उलझने की परवाह न करते हुए तत्काल पुलिस को फोन किया और तब तक वे इस स्थान पर है, जब तक की पुलिस दंडी स्वामी आश्रम नहीं आ गई। उज्जैन की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

किसी को भी देखकर डर जाती थी नाबालिग
पुजारी ने बताया कि नाबालिग हमसे कुछ कहना चाहती थी, लेकिन उसकी बात सही से समझ नहीं आ रही थी। राहुल शर्मा ने कहा, 'हमने उसका नाम पूछा। उसके परिवार के बारे में जाना। उसे भरोसा दिया कि अब तुम सुरक्षित हो और अब उसे अपने परिवार के बारे में बताना चाहिए, ताकि उनसे संपर्क हो सके। लेकिन वह बहुत ज्यादा डरी हुई थी।' पुजारी ने कहा कि बहुत समझाने के बाद ही वह बच्ची मुझ पर विश्वास कर सकी और पुलिस के आने तक मैंने उसे रोक कर रखा और अपने कपड़े दिए ताकि शरीर ढक सके। इस दौरान कोई भी आता तो वह डर जाती और अंत में जब पुलिस आई तो उसके हवाले ही मैंने बच्ची को कर दिया।
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