महाकाल डेली दर्शन ग्रुप पर होगी कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
महाकाल लोक के निर्माण के बाद जैसे-जैसे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की ख्याति बढ़ी है, भस्म आरती के पास से लेकर होटल के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। साइबर अपराधियों ने पैसे उगाही के लिए नए-नए रास्ते अपना लिए हैं। नया मामला सोशल मीडिया पर महाकाल डेली दर्शन ग्रुप की एक पोस्ट का है। इसमें एक क्यूआर कोड भी दिया गया। यह वादा करते हुए बाबा महाकाल का भंडारा है। उसमें सहयोग दें। महाकाल प्रबंध समिति ने इस मामले की शिकायत थाना महाकाल को भेजी है। जल्द ही एफआईआर भी की जाएगी।
तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर डाली गई इस पोस्ट में लिखा था कि महाकाल बाबा का भंडारा आयोजित किया गया है। सभी बाबा प्रेमी प्रसाद जरूर ग्रहण करें। जो भी बाबा को सहयोग करना चाहता है, वह क्यूआर कोड स्कैन करें और 51, 101, 151, 1100, 2100, 5100 रुपये का दान करें। छानबीन करने पर पता चला कि यह पोस्ट किसी वैष्णवी शिंदे नाम की महिला ने डाली थी। इस पोस्ट में बाबा महाकाल के फोटो के साथ भोजन और भंडारा खाते हुए भक्तों के भी फोटो डाले थे। इन फोटो के साथ ही एक क्यूआर कोड भी डाला था। उस पर दान देने का निवेदन किया गया है। इसके नीचे महाकाल ट्रस्ट लिखा है। इस मामले की शिकायत अमर उजाला ने श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल को की। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत थाना महाकाल में भेजी है। महाकाल थाना पुलिस जल्द ही FIR दर्ज करेगी।
शयन आरती के नाम पर मांगे 1100 रुपये
सोमवार सुबह ही गुड़गांव की एक श्रद्धालु निधि शर्मा ने श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को शिकायत की कि वह '23 मई को पति परलव शर्मा, ऋतु गुप्ता, धीरज गुप्ता के साथ महाकाल दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने 250 रुपए की रसीद बनवाकर अति शीघ्र दर्शन का प्रयास किया था। उस समय आरती हो रही थी, इस वजह से एक व्यक्ति ने खुद को पंडित बताते हुए शयन आरती में रुकने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की राशि की मांग की थी। श्रद्धालुओं को जानकारी नहीं थी। इस वजह से उन्होंने राशि देने की भी तैयारी दिखाई थी। पंडित ने उन्हें शयन आरती मे आगे बिठाने का वादा किया था। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। कर्मचारियों ने आगे की पंक्ति से हटा दिया। पंडित काफी प्रयास करता रहा, लेकिन फिर भी आगे नहीं बैठने दिया गया। निधि शर्मा ने बताया कि जब हमने जानकारी निकाली तो पता चला कि शयन आरती में बैठने का कोई भी शुल्क मंदिर समिति नहीं लेती है। यदि हम शयन आरती में बैठ जाते हैं तो हमारे साथ कुल 4400 रुपए की ठगी हो जाती। निधि शर्मा इस पर मामले की शिकायत कलेक्टर और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह को करेंगी।