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Ujjain News: चार साल बाद आया हत्या का फैसला...16 दोषियों को मिला आजीवन कारावास, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

Wed, 02 Oct 2024 05:31 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

चार साल बाद हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। मामले में 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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आरोपियों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन के नागदा में हुई हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायालय ने 16 आरोपियों को आजीवन कारावास और चार-चार हजार रुपयों के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। कुल 17 आरोपियों में से एक आरोपी की मृत्यु प्रकरण के विचाराधीन रहने के दौरान हो गई थी। जबकि आठ नाबालिग आरोपियों का मामला बाल न्यायालय में चल रहा है। 

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15 नवंबर 2020 में बिरलाग्राम थाना क्षेत्र में दीपावली पर्व के दूसरे दिन पड़वा पर पेट्रोल पंप के समीप रितिक पिता मूलचंद और नीलेश उर्फ ओकेश की मामूली कहासुनी हो गई थी। इस कहासुनी के कुछ देर बाद ही आजादपुरा स्थित रितिक के घर पर नीलेश सहित साथियों ने हमला कर दिया था, जिसमें रितिक कि चाकू के गंभीर हमलो से मौत हो गई थी। वहीं, रितिक के भाई मयंक, माता सरोज बाई और बहन कोमल को चोट आई थी। पुलिस ने छह नामजद सहित अन्य पर धारा- 302, 307, 450, 323, 325, 294, 452, 147, 148, 149, 120बी भादवि में प्रकरण दर्ज किया था।

बाद में पुलिस जांच में आरोपियों की संख्या 25 हो गयी थी। इसमें आठ नाबालिग होने से उनका प्रकरण बाल न्यायालय भेजा गया था। आज अपर सत्र न्यायालय ने 16 आरोपियों को आजीवन कारावास और चार-चार हजार के जुर्माने की सजा से दंडित किया। शासन की ओर से पैरवी विशेष अपर लोक अभियोजक आरएस ठाकुर ने की थी। आरोपियों में से दो पहले ही जेल में थे, जबकि बाकी 14 को सजा के बाद जेल भेजा गया।
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परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
सजा सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल सीएसपी बृजेश श्रीवास्तव, बिरला ग्राम थाना प्रभारी अमित सारस्वत पुलिस बल के साथ मौजूद रहा। न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने पर बड़ी संख्या में मौजूद आरोपियों के परिजनों की आंखों से आंसू निकल पड़े। मां, बहन और पत्नी सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस जवानों ने भीड़ को देखते हुए एक-एक कर आरोपियों को पुलिस गाड़ी में बैठाया और सुरक्षा की दृष्टि से मेडिकल के लिए खाचरौद शासकीय अस्पताल ले गए। मेडिकल के बाद सभी आरोपियों को खाचरौद उप जेल छोड़ा गया।

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