ऑनलाइल सट्टेबाजी मामले में उज्जैन पुलिस ने आरोपियों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, जूम मीटिंग सहित अन्य डेटा बेस निकालने की कोशिश की तो पता चला कि सट्टेबाज इसके लिए अपने असली नाम का इस्तेमाल नहीं करते थे। वे कोड नेम से सट्टा लगाते थे। आरोपी फ्रीडम, जॉली, हरसू, हैप्पी, सूरी, मैडमजी जैसे कोड नेम का उपयोग करते थे। पुलिस इन कोड नेम का मतलब जानने की कोशिश कर रही है। इन्हें डिकोड करने के बाद सायबर की टीम विश्लेषण करेगी। अमेरिका की गूगल, जूम, गोडैडी, और वॉट्सऐप कंपनी से भी इस बारे में जानकारी मांगी गई है। कोड नाम का राज सामने आते ही मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सट्टे की गुत्थी सुलझ जाएगी।
दरअसल, 14 जून 2024 को उज्जैन पुलिस ने 19 ड्रीम्स कॉलोनी और मुसद्दीपुरा क्षेत्र में दो स्थानों पर छापा मारकर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सट्टा पकड़ा था। पुलिस को कुल 14 करोड़ 98 लाख रुपए, 41 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 5 मेक मिनी एक आईपैड राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय सीम, दो पेन ड्राइव के साथ ही 7 देश की विदेशी करेंसी भी मिली थी। इस कार्यवाही में पुलिस ने 9 लोगों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि इस पूरे सट्टे को चलाने वाला मुख्य सरगना पियूष चोपड़ा निवासी मुसद्दीपुरा 16 जून को गिरफ्तार किया गया था। गेमिंग सट्टे के मुख्य सरगना चोपड़ा के पुलिस गिरफ्त में 12 दिन बीत चुके हैं। हरियाणा व राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश की पुलिस की पूछताछ के बावजूद भी अब तक पियूष से ऐसा कुछ भी पता नहीं चल पाया है जिससे कि उससे जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सके। पुलिस के साथ ही आईटी भी आरोपी पियूष से पूछताछ कर चुकी है लेकिन, उसने अब तक किसी भी बारे में अपना मुंह नहीं खोला है।
30 जून तक रिमांड पर सरगना पीयूष
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद 9 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 20 जून तक की पुलिस रिमांड पर सौंपा। 20 जून को कोर्ट ने रूबल और मयूर की रिमांड 25 तक बढ़ाते हुए बाकी बचे 7 आरोपियों को जेल भेज दिया है। इधर, सरगना पीयूष की रिमांड 27 जून को खत्म हुई। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसकी रिमांड दो दिन और बढ़ाकर 30 जून कर दी है।
जब्त रुपये बने पुलिस के लिए परेशानी
19 ड्रीम्स और मुसद्दीपुरा स्थित पियूष के घर से मिले लगभग 14 करोड़ 98 लाख रुपये पुलिस के लिए परेशानी बन चुके हैं। क्योंकि, इन रुपयों को अब तक नीलगंगा थाने में रखा गया है। जिसकी सुरक्षा पुलिस के लिए खुद बड़ी परेशानी बन चुकी है। थाने की स्थिति कुछ इस प्रकार हो चुकी है कि यहां पर हर आने जाने वाले व्यक्ति पर न सिर्फ निगाह रखी जा रही है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां 24 घंटे गार्ड भी तैनात है।
सरगना के साथ यह भी पकड़ाए थे
इस मामले में पुलिसअंतर्राष्ट्रीय गिरोह के मुख्य आरोपी पियूष चोपड़ा निवासी मुसददीपुरा थाना खाराकुआ के साथ सतप्रीत सिंह पिता परमजीत सिंह उम्र 34 साल नि. लुधियाना पंजाब, जसप्रीत उर्फ रूबल पिता हरमंदर सिंह उम्र 30 साल नि. 2730 अमरपुरा लुधियाना पंजाब, मयूर जैन पिता विजय जैन उम्र 30 साल नि. बगाना नीमच, हरीश पिता राजमल तेली उम्र 36 साल नि. निम्बाहेडा राजस्थान, रोहित पिता सुरजीत सिंह उम्र 26 साल नि. रेलवे कॉलोनी नीमच म.प्र.,गौरव पिता सूरजमल जैन उम्र 26 साल नि. कंचननगर नीमच म.प्र., आकाश मसीही पिता अजय मसीही उम्र 26 साल नि. मिशन अस्पताल के पास नीमच,चेतन नेगी पिता स्व पूरनचंद नेगी उम्र 37 साल नि. शराबा नगर लुधियाना पंजाब, गुरप्रीत सिंह पिता सरदार गुरमिल सिंह उम्र 36 साल नि. लुधियाना पंजाब को गिरफ्तार किया था।
सट्टे के मुख्य आरोपी पियूष चोपड़ा को न्यायालय में पेश करती पुलिस।