फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: क्या ममता कुलकर्णी दाऊद की कठपुतली? किन्नर जगद्गुरु हिमांगी सखी ने क्यों कही ये बात, जांच की उठी मांग

Fri, 31 Oct 2025 02:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर फर्जी भगवा चोला पहनने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लक्ष्मी त्रिपाठी को अखाड़े के पद से मुक्त करने की घोषणा भी की।
विज्ञापन
ममता कुलकर्णी ने दाउद को लेकर बयान दिया था। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने गोरखपुर में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था उसने कोई बम ब्लास्ट नहीं किया, वह आतंकी नहीं है। गोरखपुर में दिए गए इस बयान के बाद हंगामा मच गया है। किन्नर जगद्गुरु हिमांगी सखी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि ममता कुलकर्णी अपने आपको महामंडलेश्वर बोल रही हैं। ये लोग सनातन धर्म के साथ क्या खेल करने वाले हैं, कोई नहीं जानता। ये दाऊद इब्राहिम की भेजी हुई कठपुतली है। इनकी खुद भी आतंकवादी गतिविधियां होंगी। इसकी जांच होनी चाहिए। अब तक जांच क्यों नहीं बैठी ये मेरे समझ में नहीं आ रहा है।
विज्ञापन




इस बयान पर उज्जैन के किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी और किन्नर अखाड़े की आचार्य रहीं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने भगवा का नकली चोला पहना रखा है। इनका निष्कासन पहले ही हो चुका है, लेकिन अब इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें- Rashtriya Ekta Diwas 2025: सीएम बोले-सरदार पटेल के मार्ग पर चलेंगे तो भारत को कोई बुरी नजर से नहीं देख सकेगा
विज्ञापन
विज्ञापन


ऋषि अजय दास ने पत्र जारी करते हुए कहा कि किन्नर अखाड़े का संस्थापक होने के नाते 2015-16 उज्जैन कुंभ में मेरे द्वारा नियुक्त आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा के पद से मुक्त करता हूं। शीघ्र इन्हें लिखित सूचना दे दी जाएगी, क्योंकि जिस धर्म प्रचार-प्रसार और धार्मिक कर्मकांड के साथ ही किन्नर समाज के उत्थान इत्यादि की आवश्यकता से उनकी नियुक्ति की गई थी, यह उस पद से सर्वदा भटक गए हैं। इन्होंने मेरी बिना सहमति के जूना अखाड़ा के साथ एक लिखित अनुबंध 2019 के प्रयागराज कुंभ में किया। वह 420 है। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़े का रजिस्ट्रेशन मेरे नाम से हैं। जमीन भी मेरे नाम अलॉट हुई है। प्रयागराज हाईकोर्ट ने मुझे ही फाउंडर मानकर संबोधित किया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें