फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: महाकाल की सवारी को लेकर प्रशासन चौकन्ना, टनल निर्माण सहित महाकाल घाटी पर बन रहा सीसी रोड

Mon, 26 Jun 2023 05:37 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

सावन भादो मास में बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जिसको लेकर उज्जैन प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वैसे तो जिम्मेदारों को जगाने के लिए अब तक अमर उजाला कई समाचार प्रकाशित किए, लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारी जाग चुके हैं और मुस्तैदी के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने में लग गए हैं।
विज्ञापन
महाकाल की सवारी को लेकर प्रशासन चौकन्ना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बाबा महाकाल की सवारी धूमधाम से पूर्ण वैभव के साथ निकल सके। इसको लेकर शुक्रवार से प्रशासन ने महाकाल घाटी मार्ग पर सीसी रोड निर्माण शुरू कर दिया है। लेकिन यह मार्ग सावन के पहले आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। याद रहे कि महाकाल मंदिर जाने के लिए महाकाल घाटी का मार्ग प्रमुख माना जाता है।

विज्ञापन


दो जुलाई यानी ठीक दस दिन बाद सावन का महीना शुरू हो जाएगा और 15 दिन बाद 10 जुलाई को महाकालेश्वर की पहली सवारी है। यानी प्रशासन के पास अधिकतम 15 दिन हैं। शुक्रवार से तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है। अगर बारिश नहीं होती है तो भी पूरा मार्ग बनाने में कम से कम 5-6 दिन लगेंगे और इसके बाद सड़क को आवागमन के लिए तैयार करने के लिए प्रशासन के पास तकरीबन 4-5 दिन का ही समय बचता है। क्या ऐसे में यह मार्ग आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा।

विज्ञापन


सीसी निर्माण को फुल स्ट्रेंथ के लिए चाहिए 28 दिन...
तकनीकी एक्सपर्ट बताते हैं कि आठ इंच या इससे अधिक के सीसी निर्माण को फुल स्ट्रेंथ यानी पूरी मजबूती के लिए करीब 28 दिन चाहिए होते हैं। अगर समय कम हो तो फिर भी तकरीबन 20 दिन का समय देना जरूरी है। महंगा केमिकल सीसी मटेरियल में मिक्स किया जाए तो भी करीब 15 दिन का समय निर्माण सेट होने के लिए देना जरूरी है। अगर मौसम बारिश का या नमी वाला है तो समय और अधिक चाहिए। अगर समय के पहले मार्ग खोला जाता है तो उसके कमजोर निर्माण यानी जल्दी टूटने, बिखरने की संभावना बनती है।

बरसते पानी में डाली महाकाल टनल की छत...
महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर बनाई जा रही टनल के निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जल्दी से टनल निर्माण करने में जुटे जिम्मेदार बारिश में ही छत भरने का काम कर रहे थे। शुक्रवार शाम को बारिश के दौरान टनल की छत भरी जा रही थी। इस टनल के निर्माण संबंधी किए गए सभी दावे भी खोखले साबित हो चुके हैं।
विज्ञापन


जून के पहले टनल निर्माण का दावा किया गया था और एक महीने के लिए महाकाल परिसर दर्शनार्थियों के लिए बंद किया गया था। बाद में बारिश के पहले यानी 15 जून तक काम पूरा करने का दावा किया गया। जबकि हालात यह है कि अभी टनल के एक ओर की छत भरने का काम शुरुआती दौर में है और बारिश शुरू हो चुकी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें