उज्जैन में सोमवार को जिस मार्ग से बाबा महाकाल की सवारी गुजरेगी, वहां पर सवारी निकलते वक्त करीब 45 मिनट के लिए बिजली प्रदाय बंद रहेगा, ताकि कोई हादसा नहीं हो। ये निर्णय कलेक्टर के आदेश पर लिया गया है।
सावन में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को लेकर प्रशासन जी-जान से जुट गया है। 10 जुलाई को बाबा महाकाल की श्रावण की प्रथम सवारी निकाली जाएगी। जिला प्रशासन ने सवारी की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए इस बार कड़े निर्णय लिए हैं। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कहा है कि इस बार जिस मार्ग से भी सवारी गुजरेगी, वहां पर तकरीबन 45 मिनट यानी सवारी के गुजरने तक बिजली व्यवस्था बंद रखने की तैयारी की गई है ताकि हादसे नहीं हों। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि बैरिकेड्स ऊंचे ही रहेंगे, ताकि लोग उस पर चढ़ नहीं सकें। वहीं सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर भी पुलिस विभाग मुस्तैदी से जुटा है।
महाकाल सवारी
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कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि नगर निगम सवारी मार्ग के जर्जर भवनों पर अपनी ओर से प्रत्येक सवारी निकलने के पूर्व 2-2 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए तथा यह सुनिश्चित करे कि इन भवनों तथा खुली दीवारों पर कोई भी श्रद्धालु न चढ़े। सवारी मार्ग की सभी नालियों को पैक कराया जाए। कलेक्टर ने कोट मोहल्ला, गणगौर दरवाजा, चारधाम मंदिर, छत्रीचौक, कमरी मार्ग, केडी गेट की ओर स्वास्थ्य विभाग की एक-एक एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह महाकाल मंदिर, महाकाल लोक, चारधाम मंदिर पर स्वास्थ्य विभाग की एक-एक टीम तैनात रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि मेडिकल टीम का रिस्पांस टाइम न्यूनतम होना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सभी स्थानों पर व्यवस्थित बैरिकेडिंग की जाए एवं पूरे क्षेत्र को सेक्टर में बांटकर पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। मप्र विद्युत मंडल को विद्युत व्यवस्था का सेफ्टी ऑडिट करने, सभी ट्रांसफार्मरों पर अपने कर्मचारियों की तैनाती करने एवं आपात समय में बिजली सप्लाय की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।