देशभर के श्रद्धालु भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
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भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में शिव के साथ भगवान श्री गणेश की भी आराधना का विशेष महत्व है। उज्जैन से 10 किलोमीटर दूर स्थित भगवान चिंतामण गणेश के चैत्र मास में दर्शन का स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में विशेष उल्लेख किया गया है। चिंतामण गणेश मंदिर के पुजारी गणेश गुरु बताते हैं कि चैत्र मास के प्रति बुधवार यहां पर जत्रा का आयोजन किया जाता है। देशभर के श्रद्धालु भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
गणेश गुरु बताते हैं कि मंदिर में भगवान श्री गणेश की तीन प्रतिमाएं स्थापित हैं। भगवान चिंतामण गणेश के साथ-साथ यहां पर सिद्धिविनायक और इच्छामन गणेश का आशीर्वाद भी मिलता है। कहा जाता है कि भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान चिंतामण गणेश की स्थापना की थी। इसके अलावा इच्छामन और सिद्धिविनायक गणेश की स्थापना लक्ष्मण और सीता ने की थी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता दूर होने के साथ-साथ उनकी इच्छा पूरी होती है तथा उन्हें कार्य में सिद्धि का आशीर्वाद भी यहां मिलता है।