उज्जैन की सब्जी मंडियों में इन दिनों लहसुन आम लोगों की पहुंच से बहुत दूर जा चुका है। जो लहसुन पिछले साल इस समय 25 से 50 रुपये किलो में बिक रहा था, वह सीधा आज 400 से 500 रुपये किलो में बिक रहा है।
पिछले साल जनवरी 2023 के दौरान खेरची मंडियों में लहसुन महज 25 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा था। थोक मंडी में यह भाव 10 से 15 किलो रुपये था। जबकि इस साल दाम 400 से 500 रुपये किलो है। ऐसा क्यों हुआ, इस पर उज्जैन थोक मंडी के व्यापारियों ने बताया कि पिछले वर्ष अधिक नुकसान होने के कारण कम किसानों ने खेती इतनी कम कर दी कि बाजार में लहसुन की समस्या खड़ी हो गई और दाम बढ़ गए हैं।
किसानों के अनुसार, सबसे अधिक लहसुन मध्यप्रदेश में मालवा संभाग में ही पैदा की जाती है। अधिक नुकसान होने के कारण रकबा एक ही साल में 10 फीसदी कम हो गया है। जबकि उत्पादन में आठ फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका असर बाजार पर दिखाई दे रहा है। लहसुन एक मसाला कैटेगरी की फसल है। कम दाम की वजह से किसानों को लाखों रुपये का घाटा हुआ था। इस साल किसानों ने लहसुन के स्थान पर दूसरी फसल खेतों में लगाई।