सिंहस्थ 2028 के तहत जारी सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने को लेकर उठा विवाद लगातार उग्र होता जा रहा है। सब्जी मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं, जहां पुलिस बल पर दोबारा पथराव की घटना सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को फिर से लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
सुबह भी हुआ था पथराव, महिला थाना प्रभारी घायल
इससे पहले सुबह के समय भी प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस टीम पर पथराव किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया था। सुबह हुए पथराव की इस हिंसा में एक महिला थाना प्रभारी घायल हो गई थीं।
नाका चौराहे पर चक्काजाम और भारी विरोध
शाही मस्जिद कार्रवाई के विरोध में वर्ग विशेष के लोगों द्वारा भारी संख्या में एकत्र होकर उज्जैन-आगर मार्ग स्थित नाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की, जिससे प्रमुख मार्गों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर FIR
शहर में शांति-व्यवस्था बिगाड़ने और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने माहौल खराब करने के आरोप में कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल हैं, जिन पर भड़काऊ सामग्री और अफवाहें फैलाने का आरोप है। हालांकि इनकी गिरफ्तारी को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इनके अलावा शहर के बाहर से आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे 5 संदिग्ध लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इलाके में भारी पुलिस बल और ड्रोन से निगरानी
लगातार हो रही पथराव और चक्काजाम की घटनाओं को देखते हुए पूरे संवेदनशील क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। उपद्रवियों और उपद्रव संभावित इलाकों पर ड्रोन कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।