उज्जैन शहर में कुत्ते के अलावा बंदर और बिल्ली का आतंक भी बढ़ गया है। बीते एक साल में जिला अस्पताल में बंदर और बिल्ली के काटने के लगभग 176 मामले आ चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर के रहवासी क्षेत्रों में कई जगह आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। लेकिन न तो निगम प्रशासन और न ही वन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों की शिकायतें मिलने पर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जिला असपताल से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2023 से अब तक करीब 45 लोगों को बंदर और 130 लोगों को बिल्ली ने घायल किया है। इसके साथ ही शहर में कई जगह आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। प्रमुख चौराहों पर जानवरों का हर समय जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को भी परेशानी होती हैं।
2023 में घायल हुए लोगों पर एक नजर
- जनवरी- बंदर ने चार और बिल्ली ने 12 लोगों को काटा
- फरवरी- बंदर ने एक और बिल्ली ने पांच लोगों को काटा
- मार्च- बंदर ने दो और बिल्ली ने पांच लोगों को काटा
- अप्रैल- बंदर ने छह और बिल्ली ने आठ लोगों को काटा
- मई- बंदर ने चार और बिल्ली ने 14 लोगों को काटा
- जून- बंदर ने सात और बिल्ली ने 11 लोगों को काटा
- जुलाई- बंदर ने तीन और बिल्ली ने 11 लोगों को काटा
- अगस्त- बंदर ने चार और बिल्ली ने 11 लोगों को काटा
- सितंबर- बंदर ने पांच और बिल्ली ने 12 लोगों को काटा
- अक्टूबर- बंदर ने चार और बिल्ली ने 20 लोगों को काटा
- नवंबर- बंदर ने छह और बिल्ली ने 12 लोगों को काटा