मेरे पिता ही हमारी जान के दुश्मन हैं, हम कई साल से उनकी गलतियों को नजरअंदाज करते आ रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि महिलाओं को घर लाना और उनके साथ अवैध संबंध बनाना गलत है। अपना भरा पूरा परिवार है, लोग हमारा मजाक बनाते हैं। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन पिता को परिवार की मान प्रतिष्ठा से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो अपनी मौज-मस्ती में ही मगन हैं।
सोमवार रात को भी पिता एक महिला को अपने साथ लाए थे और उसके साथ गलत काम कर रहे थे। हमने जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन्होंने मुझ पर और मेरे भाई पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे हमें गंभीर चोट आई है। हमारी इस हालत के जिम्मेदार मेरे पिता और चाचा हैं। यदि हमें और हमारे परिवार को कुछ भी होता है तो इसके दोषी सिर्फ वही होंगे। यह बात मंगलवार सुबह जिला चिकित्सालय में उपचार करवा रहे इंगोरिया के ग्राम पलवा में रहने वाले प्रेम परमार ने अपने पिता पर आरोप लगाते हुए अमर उजाला से कही।
प्रेम परमार ने जानकारी देते हुए बताया, मैं ग्राम पलवा की हरिजन बस्ती में रहता हूं। मेरे पिता राधेश्याम परमार पूर्व सरपंच हैं। लेकिन घर में मां के होते हुए भी उन्हें बजारू महिलाओं का शौक है। मेरी और मेरे भाई हितेश परमार की शादी हो चुकी है, घर में मेरी मां के साथ दोनों बहुएं और बच्चे भी हैं। हम पिछले काफी समय से पिता की इस गंदी हरकत को झेल रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी वह मानने को तैयार नहीं हैं।
सोमवार रात को भी वह एक महिला को घर में लाए थे और उसके साथ संबंध बना रहे थे, जिस पर हमने विरोध जताया तो उन्होंने हम पर कुल्हाड़ी से वारकर दिया, जिससे हम गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रेम परमार और हितेश परमार के गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें परिजनों द्वारा तुरंत जिला चिकित्सालय उज्जैन में भर्ती करवाया गया। इस मामले में इंगोरिया थाना पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाई गई है। इस घटना के बाद प्रेम और हितेश पर हमला करने वाले उनके पिता राधेश्याम परमार गायब हैं। पूरे मामले में इंगोरिया थाना पुलिस जांच में जुटी हुई है, जिसके बाद इस मामले में प्रकरण दर्ज किया जाएगा।