पूरे घर को बेटे के रक्षाबंधन पर आने का बेसब्री से इंतजार था। पूरा परिवार उस समय का इंतजार कर रहा था, जब बेटा घर पहुंचता और रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता। लेकिन पूरा परिवार उस समय सदमे में आ गया, जब बेटे की बजाय उसकी खून से लथपथ लाश घर पहुंची।
शुक्रवार की रात थाना माधव नगर क्षेत्र के दमदमा में रास्ता देने के लिए हॉर्न बजाना ऋषि नगर में रहने वाले यश मित्तल (27) को उस समय महंगा पड़ गया, जब आधा दर्जन लोगों ने यश और उसके दोस्तों के साथ विवाद करते हुए हमला कर दिया। हमलावरों ने यश को चाकू मार दिया। वहीं, उसके दोस्त अभय व्यास और मंगल इस जानलेवा हमले के बाद थाना माधव नगर पहुंच गए थे, जहां से वे पुलिस को साथ लेकर घटनास्थल दमदमा पर पहुंचे। लेकिन तब तक यश की मौत हो चुकी थी और हमलावर भी फरार हो गए थे।
माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि यश मित्तल (27) आगर रोड कृषि उपज मंडी में श्री महाकाल के नाम से ट्रैक्टर एजेंसी संचालित करता था और ऋषि नगर एक्सटेंशन में रहता था। वह मूल रूप से तराना का रहने वाला था। इस हत्या के बाद विशाल ठाकुर, विजय ठाकुर, सागर और करण निवासी दमदमा क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आयुष, शेनटू और आकाश की तलाश जारी है।
दादाजी की थी पहली राखी, इसीलिए हो रहा था इंतजार
बताया जाता है कि यश पिता विजय नारायण मित्तल मूल रूप से तराना का रहने वाला था। वैसे तो वह तीन भाई हैं, जिसमें से एक दुबई और दूसरा पुणे में जॉब करता है। लेकिन इस रक्षाबंधन पर पूरे परिवार को यश का इंतजार इसीलिए था, क्योंकि उसके दादाजी की यह पहली राखी थी और इस त्योहार पर यश को राखी बांधने के लिए पूरे परिवार की बहनें रक्षाबंधन पर उसका इंतजार कर रही थीं, लेकिन जब परिवार को उसकी हत्या की जानकारी लगी और खून से लथपथ लाश घर पहुंची तो इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर हर कोई गमगीन हो गया। जैसे-तैसे परिवारजनों ने हिम्मत रखी और यश का अंतिम संस्कार किया गया।
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समय पर मिल जाता तो बच जाती जान
बताया जाता है कि इस घटना के बाद पुलिस और यश के दोस्त उसे लगातार घटनास्थल पर खोजते रहे, लेकिन लगभग 2 से 3 घंटे तक चली इस तलाश के बावजूद भी यश का कोई पता नहीं चल पाया। सुबह लगभग 5 बजे जिला पंचायत की फोटोकॉपी की दुकान के पीछे यश लहूलुहान अवस्था में मिला था। उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। सोर्स बताते हैं कि अगर यश कुछ घंटे पहले मिल जाता और उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वैसे पुलिस इस पूरे मामले में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे पता चल पाए कि आखिर मामूली कहासुनी खूनी वारदात में कैसे बदल गई।
राखी पर भाई का था इंतजार, घर आई खून से लथपथ लाश