उज्जैन में पैदल जा रही वृद्धा को नोटों का झांसा देकर दो बदमाशों ने कान के टॉप्स ठग लिए। वृद्धा ने नोटों की गड्डी को खोला तो उसमें कागज भरे होना सामने आया। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।
माधवनगर थाना पुलिस ने बताया कि हीरा मिल की चाल में रहने वाली धापूबाई पति अमृतलाल (55) खरीदारी के लिए फ्रीगंज पहुंची थी। जैन कचोरी-समोसा दुकान के सामने एक युवक ने उन्हें रोका और बातों में उलझाकर नोटों की गड्डी दिखाई। इसके बाद उसका दूसरा साथी भी आ गया। उसने कहा कि डेढ़ लाख रुपये है, जिसे चोरी कर लाए हैं। उन्हें बाहर जाना है। यह नोट रख लें और ग्यारंटी के तौर पर हमें कुछ दे दें। धापूबाई समझ नहीं पाई और नोट देखकर लालच में आ गई। नोट एक कागज जैसे कपड़े में बंधे थे। ऊपर 500 रुपये दिखाई दे रहे थे। उसने ग्यारंटी के तौर पर कुछ नहीं होने की बात कहीं तो युवक ने कान के टॉप्स देने को कहा। लालच में फंसी वृद्धा ने अपने टॉप्स उन्हें दे दिए। दोनों युवक नोट की गड्डी थमाकर मौके से भाग निकले। कुछ दूरी पर जाने के बाद धापूबाई ने नोट की गड्डी देखी तो उसमें कागज भरे होना सामने आया। अपने साथ धोखाधड़ी होने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच के लिए पहुंची लेकिन युवकों का पता नहीं चल पाया। पुलिस ने आसपास लगे कैमरों के फुटेज देखे, जिसमें दोनों युवक दिखाई दिए है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर बदमाश युवकों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।