फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain Crime: बैटरी खरीदने के नाम पर करीब एक लाख रुपये की ठगी, कुछ ऐसे खाते से पैसा हुआ गायब

Tue, 02 May 2023 08:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में बैटरी खरीदने के नाम पर करीब एक लाख रुपये की ठगी हुई है। ठग ने खाते से तीन बार ट्रांजेक्शन में 99 हजार 940 रुपये ठग लिए। क्यूआर कोड स्कैन करने और पेटीएम पर लिंक क्लिक करने पर खाते से राशि गायब हो गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ठगी के लिए धोखेबाज रोजाना नए-नए तरीके अपना रहे हैं, अब तक इनाम मिलने के नाम पर ही लोगों को ठगा जाता था। लेकिन अब सामान खरीदने के नाम पर भी लोगों को झांसे में लेकर उनकी लाखों की कमाई पर हाथ साफ किया जा रहा है। ऐसा ही मामला साइबर सेल के पास पहुंचा है, जिसमें बैटरी खरीदी के नाम पर शातिर ठगों ने बैटरी की डिलीवरी करने आए लोगों को ऐसे झांसे में लिया कि उनसे एक, दो नहीं बल्कि तीन बार रुपयों का ट्रांजेक्शन करवाकर 99 हजार 940 रुपये की ठगी कर ली।

विज्ञापन


उज्जैन के इंदिरानगर में रहने वाले मोहम्मद पिता हातिम मलिक इंदौर गेट पर नेशनल बैटरी नाम से दुकान का संचालन करते हैं। कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर 76996-45386 से कॉल आया और कहा कि मिलेट्री ऑफिस से अनिल बोल रहा हूं। इन्वर्टर के लिए दो बैटरी चाहिए। मोहम्मद मलिक ने दो बैटरी की कीमत 25,000 रुपये बताई। अनिल ने डिलीवरी नागझिरी स्थित सीएनजी पंप के पास देने को कहा और पेमेंट नगद में करने की बात कही थी।

कुछ देर बाद वापस 95471-11551 से कॉल आया और कहा कि 10,000 रुपये नगद देंगे, 15,000 पेटीएम कर देंगे। मोहम्मद मलिक ने अपने पुत्र हासिम और काम करने वाले इमरान को बैटरी देकर नागझिरी रवाना कर दिया। जब काफी देर तक बैटरी लेने कोई नहीं आया तो हातिम ने पिता को कॉल किया। मोहम्मद मलिक ने अनिल को कॉल किया तो उसने पुत्र का नंबर देने को कहा, जिस पर कॉल करने के बाद शातिर ठग ने हातिम को अपनी बातों में उलझाया और क्यूआर कोड भेजकर कहा कि इसे पेटीएम पर स्कैन कर 15,000 डाल दो, 30,000 वापस भेज देंगे। हातिम के अकाउंट में पैसे नहीं थे, उसने दुकान पर काम करने वाले इमरान के खाते से 15,000 रुपये डाल दिए। जब वापस 30,000 नहीं आए तो उसने कॉल किया। अनिल ने कहा कि कोड गलत हो गया है। पेटीएम पर 44,440 डालकर पिन डालो और मेरे ओके कहते ही ट्रांजेक्शन कर देना।
विज्ञापन


इमरान दूसरी बार में भी नहीं समझा और उसने कोड डालकर ओके कर दिया, खाते से 44,000 रुपये निकल गए। शातिर ठग की बातों में इमरान और हातिम उलझ चुके थे। उन्होंने तीसरी बार में भी 39,999 का ट्रांजेक्शन कर दिया। खाते से तीन बार में 99 हजार 940 रुपये कट चुके थे। अपनी गलती का अहसास होने पर उन्होंने वापस मोबाइल पर आए नंबरों पर कॉल किया तो बदमाश ने कहा कि पैसे वापस चाहिए तो 45,000 का ट्रांजेक्शन करना होगा। इमरान और हातिम ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में मोहम्मद मलिक को बताया, लेकिन काफी देर हो चुकी थी।

मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है। जांच में सामने आया कि रुपये यस बैंक के माध्यम से झारखंड में निकाले गए हैं। मोबाइल नंबर असम के हैं। साइबर टीम शातिर ठगों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें