प्रशासनिक सर्जरी के बाद मंगलवार को उज्जैन के नवागत कलेक्टर नीरज कुमार सिंह उज्जैन कलेक्टर के रूप में कमान संभालेंगे। उनके पदभार ग्रहण करते ही विकास कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रशासनिक कसावट और अधिक बढ़ेगी। क्योंकि उनकी कार्यशैली ही अलग है, वे शिकायतों के निराकरण मामले में खुद पर भी जुर्माना लगा चुके हैं और साइकिल चलाते हुए निरीक्षण पर निकल जाते हैं।
कलेक्टर सिंह के बारे में बताया जाता है, दमोह कलेक्टर रहते हुए उन्होंने साल 2022 में 40 किलोमीटर साइकिल चलाकर अस्पताल का अचानक निरीक्षण किए थे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था आदि के निर्देश दिए थे। वे दमोह से सुबह की सैर करने साइकिल पर निकले थे और अचानक अस्पताल पहुंच गए। इसके पहले दमोह से 26 किलोमीटर दूर तहसील मुख्यालय पथरिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर चुके हैं।
खुद पर लगाया था 100 रुपये का जुर्माना
राजगढ़ में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सीएम हेल्पलाइन और अन्य शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर खुद की गलती मानते हुए स्वयं पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया था। जिले के 1,139 अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी उन्होंने एक लाख 13 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना किया था। टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन और अन्य लंबित शिकायतों की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि एल-1 से एल-3 तक पहुंच चुकी करीब 1,139 शिकायतों का विभागीय अधिकारियों द्वारा निराकरण नहीं किया गया। इस पर उन्होंने प्रति शिकायत 100 रुपये के मान से 1,139 शिकायतों पर एक लाख 13 हजार से भी अधिक राशि का जुर्माना लगाया था। एल-1 पर कार्रवाई नहीं होने के कारण स्वयं पर भी 100 रुपये का जुर्माना किया था।
पहले महाकाल दर्शन फिर करेंगे पदभार ग्रहण
कलेक्टर सिंह मंगलवार को भगवान महाकाल के दर्शन कर उज्जैन कलेक्टर का पदभार ग्रहण करेंगे। बताया जाता है कि वे मंगलवार सुबह 11 बजे उज्जैन कलेक्टर के रूप में ज्वॉइन करेंगे। महाकाल मंदिर में दर्शन की व्यवस्था को बेहतर करने पर फोकस करेंगे।
उज्जैन से निलेश नागर की रिपोर्ट