आर्मी जवान सुनील की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
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दुर्घटना में एक जवान की मौत होने के मामले में माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र द्वारा ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। मृतक के परिजनों को उज्जैन संभाग का अभी तक का सबसे बड़ा क्षतिपूर्ति मुआवजा 1 करोड़ 11 लाख रुपये देने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही 7 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।
अभिभाषक तूफान सिंह सिसोदिया ने बताया कि 4 अक्टूबर 2021 को तराना के ग्राम नानूखेड़ा में रहने वाला सुनील गुर्जर (आर्मी जवान) अपने साथी कमल किशोर के साथ किसी काम से उज्जैन आया हुआ था। यहां काम निपटाने के बाद सुनील और कमल आगर रोड से घर की ओर जा रहे थे कि तभी बाफना पार्क कॉलोनी के पास एक ट्रैक्टर चालक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी थी। वैसे तो इस एक्सीडेंट में सुनील और कमल किशोर दोनों ही घायल हुए थे लेकिन घटना में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे पहले तेजनगर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और उसके बाद इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में भी उसका काफी दिन इलाज चला। फिर उसे महू स्थित आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में परिजनों ने थाना चिमनगंज मे एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और क्लेम की क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए उज्जैन में माननीय न्यायालय द्वितीय अपर न्यायाधीश मोटर दावा अधिनियम के तहत क्लेम आवेदन प्रस्तुत किया गया था। एडवोकेट तूफान सिंह सिसोदिया ने बताया कि लगभग 2 वर्षों तक चले इस क्लेम प्रकरण में दावों और तर्क के आधार पर बयान दर्ज कर माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार द्वारा मृतक सुनील गुर्जर की माता रामकुंवर पिता बिहारीलाल और मृतक की पत्नी सुमन गुर्जर को 1 करोड़ 11 लाख रुपये की मुआवजा राशि पारित की गई और साथ में 7% ब्याज भी परिजनों को दिलाया गया।
तूफान सिंह ने बताया कि यह उज्जैन संभाग का पहला ऐसा मामला है जिसमे अब तक का सबसे बड़ा क्लेम मृतक सुनील के परिजनों को देने के आदेश दिए गए हैं। न्यायाधीश ने सुनील के वेतन और उसके भविष्य को देखते हुए उसके परिजनों को 1 करोड़ 11 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश बीमा कम्पनी को दिए हैं।