उज्जैन नगर में करीब 1.5 लाख लोग उच्च रक्तचाप से ग्रसित हैं, जिसमें 30 प्रतिशत लोग 40 वर्ष से कम और 50 प्रतिशत लोगों को मालूम ही नहीं है कि उनको हाई ब्लड प्रेशर है। कारण यह है कि उच्च रक्तचाप की बीमारी बिना खतरे के बहुत कम समस्या लिए हुए होती है। परंतु बाद में विकराल रूप से दिल दिमाग गुर्दे के खराबी का रूप ले लेती है।
लेकिन यह बीमारी छह गुना ज्यादा दिल का दौरा, लकवा, चार गुना ज्यादा सांस की बीमारी, तीन गुना ज्यादा पैरों की तकलीफ, गुर्दे की तकलीफ और आंखों की तकलीफ का कारण है। यदि आपको शुगर की बीमारी है, मोटापा है और आप सिगरेट, बीड़ी तंबाकू का सेवन करते हैं तो उपरोक्त आदतें आग में घी का काम करती हैं।
यह बात अमर उजाला से विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर प्रोफेसर डॉ. विजय गर्ग ने एक विशेष मुलाकात के दौरान कही। आपने बताया कि सामान्यत किसी भी मनुष्य का ब्लड प्रेशर किसी भी उम्र में 140/90 से ज़्यादा नहीं होना चाहिए और यदि ब्लड प्रेशर की दवा लेते हो तो किसी भी हालत में 130/80 से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।
अगर आप घर पर ब्लड प्रेशर नापते हैं तो वो 130/80 से कम होना चाहिए। आपने उदाहरण के तौर पर बताया कि उज्जैन के विभिन्न आईसीयू में वर्तमान में 300 मरीज़ों में से कऱीब 148 मरीज़ उच्च रक्तचाप (हाईब्लड प्रेशर) बीमारी से ग्रसित हैं, जिसमें मुख्य रूप से दिल का दौरा, लकवा एवं गुर्दे की बीमारी प्रमुख हैं।