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Ujjain News: वसंत पंचमी पर होगा बाबा महाकाल का वासंती शृंगार, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन

Thu, 22 Jan 2026 11:19 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

वसंत पंचमी के मौके पर भगवान श्री महाकाल का वासंती शृंगार कर पूरा मंदिर परिसर पीले रंग से सजाया जाएगा। ऋतु परिवर्तन के इस पर्व पर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष अनुष्ठान, शृंगार और परंपरागत आयोजनों की व्यवस्था की गई है।
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ऐसा होगा शृंगार
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विस्तार
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शुक्रवार को वसंत पंचमी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उज्जैन में परंपरा के अनुसार यह पर्व सबसे पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर में मनाया जाएगा। ऋतु परिवर्तन के इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष वासंती शृंगार किया जाएगा और पूरा मंदिर परिसर पीले रंगों से सजा नजर आएगा।
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उत्सव की शुरुआत शुक्रवार तड़के सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती से होगी। इस भस्म आरती के दौरान पुजारी भगवान महाकाल का केसरिया पंचामृत से अभिषेक करेंगे। अभिषेक के पश्चात बाबा महाकाल को वसंत के विशेष पीले पुष्प अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद केसरिया और पीले रंग के पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। पूरे दिन होने वाली पांचों आरतियों में परंपरा के अनुसार विशेष परिवर्तन देखने को मिलेगा और भगवान को वासंती रंग की विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी।

महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने बताया कि संध्या आरती के दौरान भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल, वसंत के पीले फूल और केसरिया पेड़े का नैवेद्य अर्पित किया जाएगा।
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40 दिवसीय फाग महोत्सव की होगी शुरुआत
वसंत पंचमी के साथ ही उज्जैन के पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में भी फाग महोत्सव की शुरुआत होगी। इस दिन से 40 दिवसीय फाग महोत्सव आरंभ होगा, जो होली पर्व तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन मंदिरों में विशेष भजन, कीर्तन और उत्सवों का आयोजन किया जाएगा।

सांदिपनी आश्रम में होगा विद्या आरंभ संस्कार
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदिपनी आश्रम में भी वसंत पंचमी का पर्व विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर नन्हे बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार किया जाएगा, जो प्राचीन परंपरा का हिस्सा है।
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आश्रम के मुख्य पुजारी के अनुसार वसंत पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का केसरयुक्त जल से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद उन्हें विशेष पीले वस्त्र (पीतांबर) धारण कराए जाएंगे और सरसों के पीले फूल, वासंती गुलाल अर्पित कर केसरिया भात का महाभोग लगाया जाएगा।

ऐसा होगा शृंगार

 

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