फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: बाबा महाकाल को गर्मी से बचाने शिवलिंग पर चढ़ रही सहस्त्र जलधारा, 11 मटकियों से चढ़ाया जा रहा जल

Wed, 24 Apr 2024 12:51 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर आज मंदिर के गर्भग्रह में 11 मटकिया लगाई गई हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, नर्मदा, शिप्रा समेत अन्य नदियों का जल इन मटकियों में भरा गया है।जिससे भगवान के शीश पर सतत शीतल जलधारा प्रवाहित की जा रही है। 
विज्ञापन
बाबा महाकाल को 11 मटकियों से चढ़ाया जा रहा जल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गर्मी बढ़ते ही उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पंडे पुजारियों ने भगवान महाकाल को ठंडक के लिए जतन प्रारंभ कर दिए हैं। परंपरा अनुसार मंदिर में बाबा महाकाल को सहस्त्र जलधारा चढ़ाई जा रही है। प्रतिवर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से राजा महाकाल को गर्मी से निजात के लिए सतत जलधारा के माध्यम से ठंडक दी जाती है। शिवलिंग के ऊपर करीब 11 मटकियां लगाईं गई हैं, जिसके द्वारा सहस्त्रधारा बाबा महाकाल को अर्पित की जा रही है। 

विज्ञापन


गर्मी आते ही जहां एक और लोग घर में ठंडक के लिए कूलर, एसी और अन्य राहत की चीजों का इंतजाम कर रहे हैं। वहीं, भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुजारियों द्वारा भी कई प्रकार के जतन किए जा रहे है। उज्जैन के महांकालेश्वर मंदिर में बाबा भोलेनाथ को जल धारा के माध्यम से ठंडक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां बाबा महाकाल को गर्मी से निजात दिलाने के लिए परंपरा अनुसार प्रतिवर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपाद से जल धारा प्रारंभ की जाती है। 

MPBSE MP Board Result 2024 Live: 10वीं और 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आज, सबसे पहले देखें अमर उजाला पर    
विज्ञापन


जल धारा का यह क्रम ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तक सतत जारी रहता है। बाबा को जलधारा चढ़ाने के लिए शीर्ष पर 11 मटकियां बांधी गई हैं। इन मटकियों को गलंतिका भी कहा जाता है। मटकियों में अलग अलग पवित्र नदियों का जल भरा गया है। प्रत्येक मटकियों के माध्यम से अलग अलग जलधार द्वारा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है। यह जलधारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे चढ़ना शुरू की जाती है और शाम 5 बजे तक निरंतर जारी रहती है।  
विज्ञापन


बाबा महाकाल को रखा जाएगा शीतल
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर आज मंदिर के गर्भग्रह में 11 मटकिया लगाई गई हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, नर्मदा, शिप्रा समेत अन्य नदियों का जल इन मटकियों में भरा गया है और उन पर नदियों का नाम लिखा गया। इन मटकियों को गलंतिका कहा जाता है, जिससे भगवान के शीश पर सतत शीतल जलधारा प्रवाहित की जा रही है। ज्योतिर्लिंग की परंपरा अनुसार वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक दो महीने प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक गलंतिका बंधी रहेंगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें