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Ujjain: सावन में आस्था का महासागर, 11 लाख श्रद्धालु पहुंचे महाकाल के दरबार, अतिशीघ्र दर्शन बनी सहूलियत की राह

Mon, 14 Jul 2025 01:08 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Ujjain Mahakal Darshan Crowd: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। 7 से 13 जुलाई 2025 के बीच 11 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। 
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बाबा महाकाल के दर पर उमड़ा 11 लाख भक्तों का सैलाब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 7 जुलाई से लेकर 13 जुलाई 2025 तक करीब 11 लाख 6 हजार 270 श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। यही नहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने अतिशीघ्र दर्शन व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से लागू किया है, जिससे भक्त बिना लंबा इंतजार किए भगवान के दर्शन कर पा रहे हैं।
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भस्म आरती के दर्शन में भी भारी संख्या
मंदिर प्रशासन के अनुसार, 26,996 श्रद्धालुओं ने इस अवधि में चलित भस्म आरती में भाग लिया। श्रावण के पहले सोमवार को ही 4498 भक्तों ने प्रातः कालीन भस्म आरती के दर्शन किए। श्रद्धालुओं के उत्साह और बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

₹250 में ‘अतिशीघ्र दर्शन व्यवस्था’ बनी सहारा
भगवान महाकाल के दर्शनों के लिए अब भक्त लंबी कतारों से बचने के लिए ₹250 की रसीद कटवाकर ‘अतिशीघ्र दर्शन व्यवस्था’ का लाभ ले रहे हैं। मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत भक्तों को औसतन 10 से 20 मिनट में दर्शन मिल जाते हैं, जिससे उन्हें लंबे इंतजार से राहत मिलती है। यह सुविधा मंदिर परिसर में उपलब्ध काउंटरों पर सुबह भस्म आरती के बाद से लेकर रात्रि शयन आरती तक जारी रहती है।
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दिनभर होती हैं छह विशेष आरतियां

मंदिर में प्रतिदिन 6 प्रमुख आरतियां होती हैं। 
  • भस्म आरती (सुबह 2:30 बजे सोमवार को, अन्य दिनों 3:00 बजे)
  • दध्योदक आरती (सुबह 7:00 से 7:30 बजे)
  • भोग आरती (सुबह 10:00 से 10:30 बजे)
  • संध्या आरती (शाम 5:00 से 5:30 बजे)
  • श्रृंगार आरती (शाम 7:00 से 7:30 बजे)
  • शयन आरती (रात्रि 10:30 बजे)
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श्रावण मास के चलते उज्जैन में धार्मिक वातावरण चरम पर है और बाबा महाकाल के दर्शन हेतु देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे दर्शन के दौरान संयम बनाए रखें और मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करें।

 

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