उज्जैन में दो साल पहले एक महिला की हत्या कर शव को पुल से नीचे फेंकने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने धारा-302 के तहत उम्रकैद और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
29 जुलाई 2020 को महाकाल थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि 25 से 30 वर्ष की एक अज्ञात महिला का शव हरिफाटक ब्रिज के नीचे माधवगंज स्कूल ग्राउंड में पड़ा है। महाकाल थाना पुलिस ने मर्ग पंजीबद्व कर मामला जांच में लिया था। पुलिस ने जांच करते हुए घटनास्थल के आसपास मृतका के फोटो से उसकी पहचान का प्रयास किया गया। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक करने पर पाया गया था कि लाश को एक व्यक्ति उठाकर हरिफाटक ब्रिज से नीचे फेंक रहा है। घटनास्थल के आसपास के लोगों को उक्त फुटेज व मृतका के फोटोग्राफ दिखाने पर फिरोज व राजा ने मृतका की पहचान काजल के रूप में की। साथ ही लाश को ब्रिज से नीचे फेंकने वाले की पहचान सचिन पिता नरेन्द्र बौरासी निवासी जबरन कॉलोनी नीलगंगा उज्जैन के तौर पर की गई थी। सचिन बौरासी के विरुद्ध धारा 302 भादस का अपराध पंजीबद्व कर उसे गिरफ्तार किया गया।
प्रकरण मे उपसंचालक (अभियोजन) डॉ साकेत व्यास ने बताया कि संपूर्ण विवेचना के पश्चात न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र पेश किया गया था। इसमें न्यायालय जितेन्द्र कुशवाह, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय जिला-उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी सचिन पिता नरेन्द्र बौरासी निवासी-जबरन कॉलोनी, थाना-नीलगंगा जिला-उज्जैन को धारा 302 भादस के अंतर्गत आजीवन कारावास व 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।