मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस को लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में उज्जैन पुलिस प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। पिछले 11 दिनों में पुलिस ने एक किशोर और चार किशोरियों की तलाश कर उन्हें परिवार के सुपुर्द किया है। वहीं, अब तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 25 बच्चों को तलाशा है। लंबे समय बाद अपने बच्चों से मिलकर परिवार वालों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इसी अभियान के तहत पुलिस ने करीब एक साल पहले लापता हुई किशोरी को तलाश किया है, लेकिन अब वह एक बच्चे की मां बन चुकी है।
पुलिस के अनुसार चक कमेड में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी 31 जनवरी 2023 को बिना बताए घर से चली गई थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी और अपहरण की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। केस दर्ज होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को पुलिस को जानकारी मिली कि लापता किशोरी एक युवक के साथ इंदौर के नंदानगर में रह रही है। सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंची और युवक के साथ रह रह किशोरी को दास्तयाब कर लिया। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसने घर से भागकर युवक से मंदिर में शादी कर ली थी। जिसके बाद वे साथ रह हैं और दोनों का एक बच्चा भी है। पुलिस ने किशोरी को थाने लाकर युवक के खिलाफ केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। इसी प्रकार पुलिस ने खिलचीपुर निवासी 17 वर्षीय किशोरी, गायत्री नगर निवासी 16 वर्षीय किशोरी, शिवशक्ति नगर निवासी 17 वर्षीय किशोरी और तिरुपति सैफरॉन में रहने वाले 16 वर्षीय किशोर को भी तलाश कर लिया।
उज्जैन जिला तीसरे नंबर पर
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है। जिले में 135 बच्चों के अपहरण की शिकायतें लंबित हैं, जिनमें से अब तक 25 बच्चों को ऑपरेशन मुस्कान के तहत तलाश कर लिया गया है। प्रदेश स्तर पर चल रहे इस अभियान में उज्जैन जिला तीसरे नंबर पर है।