चरखा चलाकर ऐसे किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन
उज्जैन। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने देशभर में मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का गंभीर आरोप है कि SIR प्रक्रिया के आड़ में देश के करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों और पारंपरिक मतदाताओं को निशाना बनाया गया है।
राजधानी दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। इस देशव्यापी विरोध की गूंज धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साफ दिखाई दी। गुरुवार को फ्रीगंज स्थित टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने एक अनूठे गांधीवादी अंदाज में विरोध दर्ज कराया। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठकर महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने चरखा चलाया।
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प्रदर्शनकारी रेणुका गांधी ने बताया कि चरखा चलाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के साथ-साथ रचनात्मक और टिकाऊ भी हो सकता है।
धरना स्थल पर महात्मा गांधी, भगत सिंह और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के चित्रों वाले कई पोस्टर और तख्तियां लहराई गईं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे गांधी और बाबा साहेब के सिद्धांतों के अनुयायी हैं और अपने संवैधानिक अधिकारों तथा आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए यह अहिंसक लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।